विज्ञान ने जहां एक ओर जीवन को आसान बनाया है, वहीं इसके कुछ सियाह पहलू भी हैं। जहां पहले तो जीवन तकनीक के बिना भी चलता था, लेकिन आज का जीवन तकनीक के सहारे ही चलता है। हमारी हर रोज़ की कहानी दरअसल अब एक लंबी कहानी हो चुकी है। अब हमारा दिन खत्म नहीं होता, बल्कि आगे ही बढ़ता जाता है। इस परेशानी में तकनीक ही इज़ाफा कर रही है। आज हम दफ्तर से आने के बाद भी दफ्तर में ही होते हैं, इंटरनेट कनेक्टिविटी की वजह से, स्मार्टफोन की वजह से।
जहां हर वक्त सब से जुड़े रहने का मज़ा है, वहीं तनहाई का अहसास खत्म-सा हो जाता है। आने वाले वक्त में हो सकता है कि लोग भीड़ में इतने घिर जाएं कि उन्हें कभी खुद से ही बात करने का वक्त न मिले।
आज पढ़िए जीवन के उन कुछ पहलुओं के बारे में जो स्मार्टफोन आने के बाद से बदल गए हैं या जिन्हें स्मार्टफोन ने खात्मे की हद तक नुकसान पहुंचाया है।