नोकिया को पछाड़कर सैमसंग दुनिया का नंबर एक मोबाइल ब्रांड बना
Agency | Dec 20, 2012, 13:30PM IST

साल 2012 में सैमसंग ने नोकिया को पछाड़कर दुनिया का नंबर एक मोबाइल ब्रांड होने का दर्ज़ा हांसिल कर लिया है। नोकिया पिछले 14 सालों से इस दौड़ में सबसे आगे रहा है। रिसर्च फर्म IHS iSuppli के मुताबिक साल 1998 के बाद यह पहली बार है जब नोकिया दुनिया के मोबाइल फोन व्यापार में पहले नंबर से फिसला है।
IHS iSuppli के जुटाए आंकड़ों के मुताबिक दुनियाभर में बिक रहे गैलेक्सी फोन बनाने वाली सैमसंग साल 2012 में सबसे बड़ी फोन निर्माता कंपनी के रूप में उभरी है। सैमसंग दुनियाभर में कुल मोबाइल फोन व्यापार का 29 फीसदी निर्यात करता है।
निश्चित रूप से सैमसंग की यह कामयाबी उसकी गैलेक्सी सीरीज़ के मोबाइल डिवाइस की कामयाबी से है। पिछले साल सैमसंग ने दुनियाभर में 21 फीसदी मोबाइल निर्यात किए थे। 2011 में सैमसंग इस लिस्ट में दूसरे स्थान पर था।
वहीं दूसरी ओर नोकिया ने एक साल में काफ़ी गिरावट दर्ज की है। नोकिया साल 2011 में 30 फीसदी से 2012 में 24 फीसदी मोबाइल निर्यात पर आ पहुंचा है। इस रेस में एप्पल का तीसरा स्थान है। एप्पल के पास दुनिया के स्मार्टफोन बिज़नेस का 10 फीसदी बाज़ार है। जो पिछले साल से 2 फीसद ज़्यादा है।
रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि स्मार्टफोन का बाज़ार लगातार बढ़ रहा है और यह सैमसंग के लिए काफ़ी अच्छा साबित हुआ है। इस समय सैमसंग के एंड्रॉयड फोन अमेरिका में सबसे ज़्यादा बिकने वाले डिवाइस हैं। दुनिया के दूसरे हिस्सों में भी इनकी मांग कम नहीं है।
IHS के जानकार वायन लेम का मानना है कि साल 2012 में स्मार्टफोन के प्रति लोगों का रुझान दीवानगी की हद तक ज़ाहिर हुआ है। वायरलैस कम्यूनिकेशन में स्मार्टफोन का सबसे बड़ा योगदान है। वायरलैस कम्यूनिकेशन के सैगमेंट में इस समय तकरीबन आधी हिस्सेदारी स्मार्टफोन डिवाइस की रही है।
रिपोर्ट में आगे कहा गया है कि ग्लोबल स्मार्टफोन शिपमेंट साल 2012 में 35.5 फीसदी हो गया है। जबकि, सेलफोन शिपमेंट में महज़ 1 फीसदी की बढ़ोत्तरी दर्ज़ की गई है।
नोकिया की स्थिति में ये बदलाव दरअसल सैमसंग की शानदार रणनीति का नतीजा भी रहा है। इस कोरियन कंपनी के पास गैलेक्सी 3 जैसा डिवाइस है। जिसे सारी दुनिया में पसंद किया जाता है। इस दौरान सैमसंग ने अपनी स्मार्टफोन रेंज को भी काफी बढ़ाया है और अपने कई शानदार मोबाइल डिवाइस लॉन्च किए हैं। वहीं नोकिया इस मामले में इतनी क्रियाशील साबित नहीं हुई है।
जहां तक HTC और RIM की बात है वे इस साल कोई ख़ास तरक्की दर्ज़ करने में कामयाब नहीं रहीं हैं। बीते साल के मुकाबले इन दोनों ही कंपनियों को इस साल ख़ासा नुकसान है।







