TIPS: मॉनिटर खरीदने से पहले इन बातों का रखें ध्यान

अगर आप कैथोड रे ट्यूब यानी सीआरटी मॉनिटर की जगह नया मॉनिटर लेना चाहते हैं और आपको समझ में नहीं आ रहा कि कौन सा मॉनिटर आपके लिए सही रहेगा तो हम कंप्यूटर के लिए कुछ विकल्प पेश कर रहे हैं।
खरीदने से पहले क्या देखें?
साइज
सबसे जरूरी चीज होती है मॉनिटर का साइज। बजट के साथ कहां और किस तरह का काम कर रहे हैं उसी के अनुसार मॉनिटर का साइज तय करें। आम तौर पर स्क्रीन की साइज 30 इंच तक होती है लेकिन बहुत कम मामलों में रेजलूशन 1080 पिक्सल से ज्यादा होता है। ऐसे में आप उसी साइज की तस्वीर को बड़ा करके देखते हैं।
रेजलूशन
रेजलूशन जितना ज्यादा होगा पिक्चर क्वालिटी उतनी ही अच्छी मिलेगी। साइज से यह तय होता है कि आपको पिक्चर कितनी बड़ी दिखेगी लेकिन रेजलूशन से यह तय होगा कि आपकी स्क्रीन में कितनी इंफॉर्मेशन आएगी। प्रोडक्टिविटी के लिहाज से रेजलूशन जितना ज्यादा होगा मल्टी टास्किंग उतनी आसान हो जाएगी और उसी जगह में ज्यादा शब्द भी आ सकेंगे।
कनेक्टिविटि
सिंगल डिजिटल वीडियो इंटरफेस (डीवीआई) से आम आदमी की जरूरतें पूरी हो जाती हैं। इससे एलसीडी के फ्लैट पैनल की डिजिटल क्वालिटी में इजाफा होता है लेकिन आजकल हाई डेफिनिशन मल्टीमीडिया इंटरफेस (एचडीएमआई) होना लगभग एक पूर्व शर्त जैसा है। एचडीएमआई इंडस्ट्री के स्टैंडर्ड का इंटरफेस है जो ऑडियो और वीडियो दोनों कंपोनेंट्स को सपोर्ट करता है। ऐसे में आपको पुराने उपकरणों के साथ काम करना हो तो वीडियो ग्रॉफकि ऐरे (वीजीए) के साथ कभी मुश्किल नहीं होती। अगर आप मॉनिटर से टीवी और कंप्यूटर मॉनिटर दोनों का काम लेना चाहते हैं तो मल्टीपल इनपुट हमेशा जरूरी हैं। कई मॉनटिरों में बिल्ट-इन यूएसबी हब और हेडफोन जैक भी होते हैं। यूएसबी यानी यूनीवर्सल सीरयिल बस दो डिवाइस के बीच डेटा ट्रांसफर कराता है।






