इस बीच, राज्य में चुनावी सरगर्मी तेज है। मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी ने दक्षिण गुजरात के आदिवासी इलाकों में चार बड़ी जनसभाएं कीं। ये इलाके पारंपरिक तौर पर कांग्रेस के गढ़ माने जाते रहे हैं। उधर,
कांग्रेस ने घोषणापत्र जारी करते हुए भाजपा को वादाखिलाफी करने वाली पार्टी बताया और कांग्रेस की ओर से वादों की झड़ी लगा दी। घोषणापत्र की कुछ बातें-
-एक वर्ष में बैकलॉग की 62 हजार खाली जगहों पर नियुक्ति
- शिक्षण सामग्री सस्ती की जाएंगी
- राइट टू फॉरेस्ट लैंड एक्ट को 6 महीने में अमली जामा पहना दिया जाएगा
- जिला पंचायत अधिकारियों की शक्ति बढ़ाई जाएंगी।
- आदिवासी क्षेत्रों में संपूर्ण बिजली व पानी की सुविधा
- तमाम छोटे गांवों को शहरी मार्गो से जोडऩे की व्यवस्था
- सौराष्ट्र-कच्छ में उत्तत सिंचाई योजनाएं। मध्यम स्तर के डेमों का निर्माण
- असंगठित क्षेत्रों में मजदूरों के लिए बोर्ड की स्थापना और वेतन वृद्धि
- 15 हजार रुपए मासिक आय वाले व्यवसायियों को कर से मुक्ति
- अशिक्षितों के लिए शिक्षा की उत्तम व्यवस्था