अहमदाबाद. गुजरात में पहले चरण के चुनाव के लिए प्रचार थम गया है। सूबे में 13 दिसंबर को पहले चरण के लिए वोट डाले जाएंगे। नरेंद्र मोदी ने कांग्रेस के महासचिव राहुल पर पलटवार किया है। मोदी ने ट्विटर पर टिप्पणी की है, 'अगर राहुल बाबा गांधी के रास्ते पर चलते हैं तो आजादी के बाद कांग्रेस को भंग करने की बापू की इच्छा क्यों पूरी नहीं हुई? गांधी जी ने कहा था कि कांग्रेस को भंग कर दिया जाना चाहिए। वे विधानसभा के सम्मान की बात तो करते हैं, लेकिन मई, 2011 से मई, 2012 के बीच लोकसभा में 85 दिनों के कार्यकाल में सिर्फ 24 दिन ही संसद क्यों गए?'
इससे पहले कांग्रेस महासचिव राहुल गांधी ने गुजरात के सीएम नरेंद्र मोदी को 'मार्केटियर' बताते हुए जमकर निशाना साधा। राहुल ने मोदी को 'सत्ता का भूखा तानाशाह' करार दिया है। राहुल ने कहा कि सूबे में भ्रष्टाचार व्याप्त है। गुजरात विधानसभा चुनाव के तहत जामनगर में अपनी पहली रैली को संबोधित करते हुए राहुल ने कहा कि गुजरात देश का अहम राज्य है। कांग्रेस महासचिव ने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी को अपना 'राजनीतिक गुरु' बताया। (कांग्रेस ने वह गलती कर ही दी, जिसका मोदी को था इंतजार!)
राहुल ने मोदी पर निशाना साधने के लिए राष्ट्रपिता के कार्यों का उल्लेख किया। उन्होंने मोदी की तरफ इशारा करते हुए कहा, 'गांधी जी ने कहा था कि अपने सपनों को अनदेखा करो, दूसरों के लिए काम करो। गुजरात में आम आदमी की आवाज नहीं सुनी जाती। मुख्यमंत्री लोगों की आवाज नहीं सुनते, सिर्फ सुनाते हैं। हर भारतीय को सभी देशवासियों की आवज सुननी चाहिए चाहे वो किसी भी धर्म, जाति, अमीर या गरीब हो। सभी धर्मों के लोगों की बातों को सुना जाना और सम्मान किया जाना चाहिए।' (गुजरात चुनाव: बयानबाजी ने अब पार कीं राजनीति की मर्यादाएं)
उन्होंने कहा कि गुजरात की जनता को सीएम चाहिए न कि ऐसा शख्स जो सत्ता के लिए झूठे प्रचार करता है। राहुल ने इसके साथ ही आरोप लगाए कि गुजरात में व्यापक भ्रष्टाचार है, लेकिन सामने नहीं आ पा रहा है क्योंकि यहां लोकायुक्त नहीं है। आरटीआई की अर्जियां जान-बूझकर स्वीकार नहीं की जातीं। ('वन मैन आर्मी' नरेन्द्र मोदी की पाँच दुधारी तलवारें)
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