चुनावी समर के दौरान गुजरात (पहले चरण में टूटा मतदान का रिकॉर्ड) में घूमना किसी शहंशाह के साम्राज्य में विचरण करने जैसा है। इससे पहले कभी किसी राज्य के चुनाव पर किसी एक शख्सियत का इतना प्रभाव नहीं रहा, जितना गुजरात 2012 में नजर आ रहा है।
भाजपा की ओर से सिर्फ यह कहने की कसर है कि 'भाजपा मोदी है और मोदी भाजपा'। (देवकांत बरुआ द्वारा आपातकाल के दौरान दिए गए नारे 'इंडिया इंदिरा है और इंदिरा इंडिया' को याद करें।) अहमदाबाद स्थित भाजपा ऑफिस में मोदी का प्रभाव साफ नजर आता है। इसके पोस्टरों, प्रचार पुस्तिकाओं और यहां तक डिजाइनर ग्लव्ज पर भी एक ही शख्स की तस्वीर है। (SPECIAL: नरेंद्र मोदी की 'कुंडली' में छिपे हैं कुछ 'अद्भुत राज')