सूरत। ‘मुझे प्रेम चाहिए बहुत सादे रूप में, पता नहीं कि इसमें कोई कला भी होती है..’ ये पंक्ति आपने तो सुनी ही होगी। इस बात को मानने वाले और उस पर अमल करने वाले अब भी बहुत हैं, जिन्होंने बहुत सादे रूप से प्रेम व्यक्त किया और जिंदगी को खूबसूरत तरीके से एंज्वॉय किया।
गुजरात के सूरत शहर का एक परिवार कुछ ऐसा ही है, जहां लगातार चार पीढ़ियों से प्रेम विवाह होता आ रहा है। यहां बुजुर्ग भी अपने पोते-पोतियों के प्रेम विवाह को स्वीकार करते हैं और उन्हें आशीर्वाद देकर उनके साथ अपनी जिंदगी को भी एंज्वॉय करते हैं।
पहली पीढ़ी : रमेशचंद्र त्रिवेदी - सरोजबेन त्रिवेदी (शादी - 1933)
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