सापूतारा (गुजरात)। औषधीय गुण रखने वाली सफेद मूसली डांग जिले के पर्वतीय इलाकों में फैले जंगलों में बहुल मात्रा में ऊगती है, इसलिए यह राज्य मूसली के उत्पादन का हब बन गया है। उल्लेखनीय है कि सफेद मूसली में मर्दानगी बढ़ाने के औषधीय तत्व मौजूद होते हैं।
डांग जिले के इन जंगली इलाकों में मूसली बरसात में ऊगने लगती है। मूसली दो प्रकार की होती है, काली मूसली और सफेद मूसली। बाजार में अत्यधिक मांग और ऊंची कीमतों के कारण आदिवासी किसानों के लिए सफेद मूसली की खेती बहुत फायदेमंद साबित हो सकती है। इसीलिए अब यहां कृषि यूनिर्सिटी और कृषि विज्ञान केंद्र वघई द्वारा प्रयत्न किए जा रहे हैं कि मूसली की फसल का उत्पादन अधिक से अधिक हो सके।
आईए जानते हैं किस तरह होती है सफेद मूसली की खेती..