नितेश श्रीवास्तव।लगता है इन दिनों गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी को लेकर कांग्रेस काफी असमंजस की स्थिति में है। अनायास ही पार्टी मोदी की तारीफ कर जाती है और फिर बवाल मचने पर बचाव के प्रयासों में जुट जाती है।
हाल ही में गणतंत्र दिवस के शुभअवसर पर कांग्रेस की ओर से एक विज्ञापन जारी किया गया था, जिसमें मोदी के कुशल नेतृत्व की भूरी-भूरी प्रशंसा की गई थी, जिसे लेकर पार्टी हाईकमान की भौंहें तन गई थीं।
यह विवाद थमा भी नहीं था कि हालिया विवाद दिल्ली की मुख्यमंत्री शीला दीक्षित के बयान को लेकर खड़ा हो गया है। दरअसल उन्होंने भी दिल्ली में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान मोदी की तारीफ में कशीदे गढ़ दिए हैं। शीला दीक्षित की इस बयानबाजी को लेकर फिर से कांग्रेस में बखेड़ा खड़ा हो गया है।
अब मुख्यमंत्री शीला दीक्षित मोदी की तारीफ के बाद पैदा विवाद पर सफाई देने में लग गई हैं। शीला दीक्षित ने कहा कि वह किसी ऐसे मुख्यमंत्री की तारीफ नहीं कर सकतीं, जो सांप्रदायिक दंगों का ‘आरोपी’ है।
दीक्षित ने कहे अनुसार ‘मैं किसी भी ऐसे नेता या मुख्यमंत्री की तारीफ नहीं कर सकती जिन पर दंगों में शामिल रहने का आरोप लगा हो।’
उनका कहना है कि उन्होंने किसी मुख्यमंत्री की प्रशंसा नहीं की, बल्कि कहा कि जिन सरकारों ने काम किया वही सत्ता में लौटीं।
एक समारोह को संबोधित करते हुए दीक्षित ने कहा था, ‘मैं किसी पार्टी की बात नहीं कर रही। इसमें दो मत नहीं कि गुजरात में विकास हो रहा है और सरकारें दोबारा चुनी जा रही हैं। सरकारें फिर निर्वाचित क्यों होती हैं ? क्योंकि वे विकास सुनिश्चित करती हैं।’
अब शीला दीक्षित ने की मोदी की तारीफ
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