नई दिल्ली। गुजरात दंगों के बाद मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी से दूरी बनाकर रखने वाले यूरोपीय यूनियन ने अब अपना रुख बदल लिया है। यूनियन के गई राजदूतों ने पिछले महीने मोदी से भेंट की थी। हालांकि इस मुलाकात का खुलासा एक महीने बाद ईयू के राजदूत जे. क्राविन्हो ने किया। उन्होंने कहा कि मोदी ने दंगे को दुर्भाग्यपूर्ण बताया था।
इस बीच जर्मन राजदूत माइकल स्टीनर ने शुक्रवार को कहा कि गुजरात में पिछले साल हुए चुनाव में मोदी के पक्ष में जनादेश आया। यूरोपीय यूनियन ने इसका सम्मान करते हुए मोदी से मिलने का निर्णय लिया। यूनियन के राजदूत सात जनवरी को जर्मन दूतावास में लंच पर मोदी से मिले। स्टीनर ने कहा कि ‘भारत एक लोकतांत्रिक देश है।
हम लोकतांत्रिक संस्थाओं और जनादेश का सम्मान करते हैं। भारत की न्यायिक प्रणाली पर हमारा विश्वास है। अपने इसी नजरिए के आधार पर अब हम संबंधों के नए दौर की शुरुआत कर रहे हैं।’ पिछले साल मायाबेन कोडनानी और बाबू बजरंगी को हुई सजा का जिक्र करते हुए स्टीनर ने कहा कि भारत में न्याय देर से सही लेकिन मिलता है।