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टैक्स जमा करने के मामले में छा गया गुजरात का ये गांव
जितेन्द्र पंड्या
| Apr 02, 2012, 16:30PM IST

2002 में खानपुर पंचायत अस्तित्व में आई थी। अब यहां के ग्रामीणों ने निर्णय किया है कि पंचायत की कमान महिलाओं को सौंप दी जाए। यहां सरपंच समेत आठ सदस्यीय पंचायत में सभी प्रतिनिधि महिलाएं होंगी। इनके सर्वसम्मति से नाम तय कर लिए गए हैं। सरपंच के रूप में शारदा बहन पटेल को चुना गया है। महिला प्रतिनिधियों की पंचायत को महिला समरस पंचायत का नाम दिया गया है।
बेस्ता वर्ष पर ‘कर’ जमा कराते हैं : ग्रामीण एक साल के एक ही कर जमा कराते हैं। वह भी बेस्ता वर्ष को। यानि दीपावली के बाद का पहला दिन। इस दिन गुजरात में नए पंचांग वर्ष का शुभारंभ होता है। भुगतान की रीत भी निराली है।
बेस्ता वर्ष के उपलक्ष्य में सभी गांववासी पूर्व निर्धारित स्थल पर इकठ्ठे होते हैं। एकदूसरे को नए साल की शुभकामनाएं देने के बाद पंचायत के करों के बारे में विचार विमर्श किया जाता है। इसके बाद वहीं पर पैसे एकत्रित कर अदायगी कर दी जाती है। पंचायत संपत्ति,जल, सफाई एवं बिजली आदि कर वसूल करती है। गांव की जनसंख्या 521 की है।





