अहमदाबाद की हिंसा में सिमी का हाथ होने की आशंका

अहमदाबाद। 3 अक्टूबर को अमेरिकी फिल्म ‘इमोशंस ऑफ मुस्लिम्स’ के विरोध में हुए प्रदर्शन के दौरान अहमदाबाद में हुई हिंसा में प्रतिबंधित संगठन सिमी (स्टूडेंट्स इस्लामिक मूवमेंट ऑफ इंडिया) का हाथ होने की आशंका जताई जा रहा है। क्राइम ब्रांच के सूत्रों ने बताया कि चुनाव के दौरान राज्य में गड़बड़ी फैलाने के इरादे से यह कार्य किया गया था। इस हिंसा में सिमी का हाथ होने से गुजरात में सिमी का नेटवर्क दोबारा सक्रिय होने की आशंका को बल मिला है।
शहर में हुए इस विरोध प्रदर्शन के दौरान हिंसा करने की तैयारी तीन दिन से गुह्रश्वत रूप से चल रही थी। इसके लिए शहर के जुहापुरा में एक एनजीओ चलानेवाली महिला जरीना खान को कार्य सौंपा गया था। यह महिला शहर में गुह्रश्वत बैठकें कर विरोध प्रदर्शन को कैसे हिंसक स्वरूप दिया जाए, इस पर चर्चा कर रही थी। यह बात सामने आई है। पुलिस की जांच में इस पूरे प्रकरण में जरीना खान का हाथ होने का पता चला है। इसलिए पुलिस ने जरीना खान के कॉल डिटेल जांचना शुरू कर दिया है।
प्रारंभिक जांच में जरीना खान के कॉल डिटेल में शहर में गुह्रश्वत रूप से काम कर रहे सिमी के कुछ कार्यकर्ताओं के नंबर सामने आए हैं। इसके अलावा शहर में जिस ‘गुरिल्ला’ पैटर्न से हमले किए गए इन सब को जोड़ते हुए पुलिस को इसमें सिमी का हाथ होने की आशंका है। मुंबई में भी इसी ग्रुप का हाथ होने की आशंका अगस्त में रजा अकादमी ने असम व म्यांमार में मुस्लिमों पर हुए कथित अत्याचार के विरोध में मुंबई के आजाद मैदान में रैली आयोजित की थी, जिसमें भी हिंसा हुई थी।
इस हिंसा में दो लोगों की मौत हुई थी व 40 घायल हुए थे। इस हिंसा में भी सीधा हमला पुलिस पर किया गया था और अहमदाबाद में भी पुलिस को ही टार्गेट किया गया था। इससे स्पष्ट होता है की सिमी अब देशभर में होनेवाले विरोध प्रदर्शन के दौरान हिंसा करने की योजना बना रहा है।







