राजकोट।गुजरात के कागवड का नाम शनिवार को मां खोडलधाम के शिलापूजन के साथ ही गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में शामिल हो गया। खोडल माता लेउवा पटेल समाज की आराध्य देवी हैं। समाज राजकोट की जेतपुर तहसील के इस गांव में आराध्य देवी का भव्य मंदिर बना रहा है। आराध्य देवी के पावन धाम के शिलापूजन के मौके का साक्षी बनने के लिए 11 राज्य और सात देशों से लेउवा पटेल समाज के लोग कागवड पहुंचे थे।
शनिवार को हुए शिलापूजन अनुष्ठान में 24435 दंपती बैठे। इन सभी दंपतियों ने हाथ मिला कर एक-दूसरे का अभिभावदन भी किया। एक ही स्थान पर इतने सारे लोगों के हाथ मिलाने की इस घटना (एट ए टाइम हैंड सेकिंग कैटेगरी) को गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड ने शामिल किया है। गिनीज बुक की यूरोप से आईं प्रतिनिधि ल्यूसा ने मुख्य मंच से यह एलान किया।
साथ ही मंच पर ही प्रमाण पत्र भी दे दिया। बकौल, ल्यूसा इससे पहले पॉंडिचेरी के नाम यह रिकॉर्ड था। अगस्त 2010 में पांडिचेरी में 5268 लोगों ने एक स्थान पर हस्त मिलाप किया था। अब यह रिकॉर्ड कागवड में बना है। इतना ही नहीं गिनीज बुक में व्यक्ति और देश के नाम कई रिकॉर्ड हैं किन्तु कागवड में ऐसा पहली बार हुआ है जब किसी जाति ने गौरवपूर्ण काम किया है। लेउवा पटेल जाति बधाई की पात्र है।
इससे पहले खोडलधाम न्यास के प्रमुख नरेश पटेल ने साफ किया है कि शिलापूजन अनुष्ठान का कोई राजनीतिक एजेंडा नहीं है। यह किन्हीं कारणों से पिछड़ गए लोगों तक समाज के माध्यम से मदद पहुंचाने के लिए यह गतिविधि की जा रही है। निकट भविष्य में कागवड में खोडलधाम कृषि विश्वविद्यालय भी आकार लेगा।
बहरहाल, खोडलधाम के निर्माणार्थ सबसे पहले आर्थिक सहयोग का ऐलान सूरत के डायमंड किंग गजेरा बंधुओं ने किया। वसंत व धीरूभाई गजेरा ने 5,55,55,5,555 रुपए का ऐलान किया। व्यक्तिगत रूप से किसी एक परिवार द्वारा दिया गया यह सबसे अधिक अर्थदान रहा। इसके बाद दो घंटे तक यह क्रम चला खोडलधाम न्यास को 180 करोड़ रुपए का चंदा मिला।
खोडलधाम न्यासियों ने साफ किया है कि खोडलधाम को केवल आस्था स्थल ही नहीं बल्कि शिक्षा-स्वास्थ्य और संस्कार नगरी के रूप में विकसित किया जाएगा। सूरत खोडलधाम कमेटी ने 25 करोड, बालाजी डेवलपर्स-राजकोट ने 2.11 करोड़, जयंतीभाई हीरपरा ने एक करोड तथा हरिधवा परिवार ने 1.11 करोड़ का आर्थिक सहयोग देने की घोषणा की।