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गुजरात ATS की फिल्म में कसाब की भूमिका
अनिरुद्ध नकुम
| Jul 09, 2012, 00:21AM IST

लगभग दो घंटे की यह फिल्म अब अंतिम चरण में है। इस फिल्म की विशेषता यह है कि इसमें मुंबई स्थित ताज होटल में 26 नवंबर 2008 को हुए आतंकी हमले को भी दिखाया गया है। इस आतंकी हमले में एकमात्र जीवित बचे आतंकी कसाब और उसके साथी किस तरह भारत की सीमा में दाखिल हुए, फिल्म में इसका सटीक दृश्यांकन पेश किया गया है। फिल्म में कसाब का नाम रफीक है।
गुजरात में मंडराते आतंकी हमलों के चलते गुजरात एटीएस ने अब गुजरात की सीमा पर बसे लोगांे को जागरूक करने की दिशा में भी कदम बढ़ाया है, जिसकी शुरुआत राज्य की समुद्री सीमा पर बसे लोगांे से की जा रही है।
एटीएस ने फिल्म में घुसपैठ संबंधी सभी बातें शामिल की हैं, मसलन इसमें आतंकियों की वे तमाम बातें मौजूद हैं, जिनसे स्थानीय लोग बाहरी व्यक्तियों विशेषकर आतंकियों की पहचान कर सकें और इसके बाद सावधानीपूर्वक पुलिस को सूचित कर सकें। समुद्री सीमा पर बसे लोगों को दिखाने के बाद यह फिल्म गुजरात के लगभग सभी थिएटर्स में भी दिखाई जाएगी।
फिल्म में रियल पुलिस अधिकारी :
इस फिल्म की खासियत यह भी है कि इसमें अधिकतर पात्र जिन पुलिसकर्मियों ने निभाए हैं, वे सचमुच में ही पुलिसकर्मी हैं। फिल्म में 17 चेतक कमांडो भी हैं। इसके अलावा एटीएस ऑफिस अहमदाबाद के डी.वाय.एस.पी राजेंद्र कुमार, पोरबंदर के एसओजी पी.आई लालडीवाल, जामनगर के पुलिस अधिकारी भी महत्वपूर्ण भूमिका में हैं।
हिंदी में डब होगी :
एटीएस द्वारा निर्माणित यह फिल्म फिलहाल गुजराती भाषा में बनी है। लेकिन जल्द ही इसका हिंदी रूपांतरण भी करवाया जाएगा।






