गांधीनगर। गुजरात विधानसभा 2012 के चुनाव में तीसरी बार भाजपा ने भारी बहुमत से जीत हासिल की और नरेंद्र मोदी चौथी बार गुजरात की गद्दी पर आसीन हुए। हालांकि मोदी की जीत तो पहले से ही तय मानी जा रही थी, लेकिन इस बार जो सबसे बड़ा उलटफेर हुआ, वह यह कि इस चुनाव में ऐसे कई दिग्ग्जों को हार का मुंह देखना पड़ा, जिसकी कल्पना नहीं की गई थी।
यह हादसा भी किसी एक पार्टी के साथ नहीं हुआ, बल्कि इसकी चपेट में गुजरात की तीनों प्रमुख पार्टियां.. भाजपा, कांग्रेस और गुजरात परिवर्तन पार्टी आईं। कोई प्रजा के गुस्से का शिकार हुआ, किसी को जातिवाद का समीकरण ले डूबा तो कोई अपनी ही पार्टी की अंदरूनी राजनीति की वजह से मात खा गया।
अब हार के बाद क्या कहना है इनका, सुनिए इन्हीं की जुबानी...