नई दिल्ली. गुजरात में लगातार चौथी बार मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के बाद पहली बार दिल्ली पहुंचे नरेंद्र मोदी ने प्रधानमंत्री को देश का दुर्भाग्य बताया और कहा कि मेरी जीत का कारण संगठन और गुजरात का सुशासन है। बीजेपी मुख्यालय में आयोजित स्वागत समारोह में उन्होंने कहा कि मैं दिल्ली के लोगों को निमंत्रण देता हूं कि वह एक सप्ताह के लिए गुजरात आए और देखें गुजरात ने किस मॉडल पर तरक्की की है। उन्होंने पीएम मनमोहन पर निशाना साधते हुए कहा कि आप देश को निराशा के गर्त में ढकेल रहे हैं। देश के विकास का कोई रोड मेप आपके पास नहीं है।
गैंगरेप के खिलाफ उबाल (पढ़ें- नेताओं के अजीबोगरीब बयान) के बीच गुरुवार को दिल्ली में एनडीसी की बैठक हुई। गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी ने प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह पर निशाना साधते हुए कहा कि देश नीति और लीडरशिप की कमी झेल रहा है। मोदी ने पीएम पर निशाना साधते हुए कहा कि प्रधानमंत्री और मोंटेक सिंह का भाषण निराशाजनक रहा। सरकार के पास विकास का कोई रोडमैप नहीं है। सरकार एनर्जी सेक्टर पर गंभीर नहीं है। सरकार के प्रोजेक्ट में सालों से देरी हो रही है।
मोदी गुरुवार को दिल्ली पहुंचे। वह आए तो राष्ट्रीय विकास परिषद (एनडीसी) की बैठक में शामिल होने के लिए, लेकिन बीजेपी ने यहां उनके स्वागत की शानदार तैयारी की। उन्हें एयरपोर्ट से गुजरात भवन तक बाइक रैली के साथ ले जाया गया। वह यहां लालकृष्ण आडवाणी से भी मिले। लेकिन बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से मुलाकात को लेकर अटकलों का दौर चलता रहा। नीतीश भी एनडीसी की बैठक (पढ़ें, इस बैठक का एजेंडा) में आए हैं। उनसे मोदी का 36 का रिश्ता है। बुधवार को अपने शपथ ग्रहण समारोह के लिए भी मोदी ने उन्हें न्योता नहीं भेजा।
नरेंद्र मोदी ने बुधवार को लगातार चौथी बार गुजरात के सीएम पद की शपथ ली थी। शपथ ग्रहण समारोह के बहाने मोदी ने अपनी सियासी ताकत दिखाने की भरपूर कोशिश की थी। समारोह में हर राज्य से बीजेपी के अलावा वहां के किसी क्षेत्रीय दल के मजबूत नेता को आमंत्रित करने की रणनीति पर काम किया गया। बिहार में बीजेपी के साथ गठजोड़ की सरकार चला रही जेडी(यू) का कोई नेता मोदी के शपथ ग्रहण में नहीं पहुंचा।
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