जमील एनकाउंटर केस: फंस सकते हैं गुजरात के तीन आईपीएस अफसर

अहमदाबाद। जनवरी 2003 का सादिक जमाल एनकाउंटर पूर्व नियोजित था। ठंडे कलेजे से पीडि़त की हत्या की गई थी। सीबीआई ने आरोप पत्र में इस बात का जिक्र किया है। आरोप पत्र में सीबीआई ने दावा किया है कि अवैध रूप से हिरासत में लेने के बाद जमाल को नरोडा क्षेत्र के सांईबाबा कांप्लेक्स में ले जाया गया। तत्पश्चात दो पुलिस वालों ने उस पर काफी नजदीक से 11 राउंड फायर किए। इसलिए उसके शव से गन पाउडर एवं सीसा मिला है।
दूसरी ओर, अब तीन आईपीएस सहित चार पर गिरफ्तारी की गाज गिरने के संकेत मिल रहे हैं। मामले में पीपी पांडे, डीजी वंजारा एवं जीएल सिंघल (तीनों आईपीएस) भी आरोपों का सामना कर रहे हैं। वंजारा सोहराबुद्दीन एनकाउंटर में भी आरोपी हैं। आरोपों के चलते निलंबित चल रहे हैं। सीबीआई सूत्रों का कहना है कि वे जल्द केस में एक पूरक आरोप पत्र दायर करने वाले हैं। इसके पूर्व तमाम लोगों की गिरफ्तारी की जाएगी।
आरोप पत्र सौंपे :
बहरहाल, जांच एजेंसी अभी तक आठ आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है। इनमें तरुण बारोट सहित सात पुलिसवाले हैं। इन आरोपियों को आरोप पत्र की छायाप्रति अदालत से दे दी गई है। इस केस में जांच एजेंसी ने कुल 69 गवाह बनाए हैं। इनमें से दो के बयान आरपीसी की धारा-164 के तहत हुए हैं।






