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गुजरात में रोज आ रहे भूकंप के हल्के झटके
divya bhaskar network
| May 30, 2012, 10:40AM IST

ये कंपन वागड एवं कप्रोल फोल्टलाइन में हलचल का परिणाम माने जा रहे हैं। कप्रोल फोल्टलाइन, जो भुज के समीप से गुजरती है, में पांच व 26 मई को कंपन महसूस किया गया। कच्छ के बाद राज्य में सबसे अधिक कंपन सुरेन्द्रनगर जिले में दर्ज हुए हैं। सुरेन्द्रनगर में दो सप्ताह में ही 27 कंपन महसूस हुए। अधिकांश झटकों की तीव्रता एक से दो के बीच रही। हालांकि अक्टूबर-2009 से 25 मई-12 तक के चार सालों में कच्छ में तीन और चार की तीव्रता के 31 कंपन दर्ज हुए हैं। उल्लेखनीय है कि भूकंप की दृष्टि से कच्छ राज्य का अतिसंवेदनशील इलाका है।
भुज के भू-गर्भ विशेषज्ञ एवं जियोलॉजी डिपार्टमेंट हेड महेश ठक्कर का कहना है कि कच्छ ने 2001 में विनाशकारी भूकंप झेला है। यह कच्छ मेन लैंड एवं साउथ वागड फोल्टलाइन के मुख्य केन्द्र से आया था। भुज के समीप आने वाली कप्रोल फोल्टलाइन भी मुख्य फोल्टलाइन में मानी जाती है, जिसमें पिछले काफी समय से कंपन दर्ज नहीं हुआ था। 26 मई को आए झटके को इस फोल्टलाइन में हलचल का परिणाम माना जा सकता है किंतु चिंता की बात नहीं। कारण, भू-गर्भ में यदि कोई हलचल है, वह इसी तरह बाहर निकलती है। वैज्ञानिक भाषा में इसे स्ट्रेस रिलीज कहा जाता है। इससे पहले पांच व 23 मई को भुज-अंजार के समीपवर्ती इलाकों में आए कंपन वागड फोल्ड लाइन के सेकेंडरी फोल्ड से आए हैं।





