इलाहाबाद/नई दिल्ली। गंगा-यमुना-सरस्वती तीन नदियों के संगम प्रयाग के महाकुंभ में पहली बार आने वाले लोकसभा चुनाव की पटकथा लिखी जा रही है। यह पहली बार है जब अध्यात्म के महाकुंभ में सांसारिक राजनीति पर चर्चा गर्म है। गुरूवार को संतों के धर्म संसद में गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी को भावी प्रधानमंत्री के रूप में समर्थन दिया गया। मोदी 12 फरवरी को महाकुंभ में आ रहे हैं। महाकुंभ क्षेत्र मोदी की होर्डिंग से पट गया है।
विहिप व आरएसएस समर्थक संतों महंतों, मठाधीशों व शंकराचार्यो की धर्मसंसद में नरेंद्र मोदी को भावी प्रधानमंत्री के रूप में पेश किये जाने का जबर्दस्त स्वागत किया गया। संतों के साथ संघ प्रमुख मोहन भागवत ने भी संकेतों में नरेंद्र मोदी को प्रधानमंत्री के रूप में पेश किये जाने पर मुहर लगा दी है। उन्होंने कहा कि ‘जो देश की आवाज है उसपर विचार होना चाहिए।’ महाकुंभ में हो रही धर्म संसद का मंच पूरी तरह भगवामय था। सनातन धर्म की पताका मंच के ऊपर लहरा रही थी। गौरतलब है कि प्रयाग के गंगा-यमुना के संगम को देश में सांप्रदायिक सौहार्द का प्रतीक माना कर उदाहरण दिया जाता है।
कुंभ में हर जगह सिर्फ और सिर्फ मोदी के नाम की ही गूंज, आगे पढ़ें तस्वीरों के साथ...