अहमदाबाद। फिलाडेल्फिया में व्हार्टन इंडिया फोरम में 23 मार्च को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए नरेंद्र मोदी के भाषण का कार्यक्रम था। लेकिन कहा गया कि स्कूल के कुछ प्रोफेसरों और छात्रों ने मोदी को मुख्य वक्ता बनाने का विरोध कर दिया था। इसके बाद फोरम ने मोदी का कार्यक्रम रद्द कर दिया। यह मुद्दा मीडिया की सुर्खियों में है और जोरदार चर्चा इसी बात को लेकर छिड़ी हुई है कि फोरम का यह फैसला कितना सही और कितना गलत है।
इसी चर्चा में एक चर्चा यह भी है कि मोदी की कॉन्फ्रेंसिंग रद्द करवाने में सबसे बड़ी भूमिका युनिवर्सिटी ऑफ पेन्सिलवेनिया की महिला प्रेसीडेंट एमी गटमान की है। एमी के इशारे पर ही यह सबकुछ हुआ। जबकि युनि. मोदी की वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग चाहती थी।
मोदी को आमंत्रित करने के बाद उन्हें न करने का फैसला आसान नहीं था, क्योंकि व्हॉर्टन की फैकल्टीज के एक भी मैंबर ने मोदी को न बुलाने वाली पिटिशन पर हस्ताक्षर नहीं किए थे। मसलन युनि. मोदी की वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग चाहती थी।
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