अहमदाबाद। नरेन्द्र मोदी को न चाहने वाले हमेशा यह कहते हैं कि उन्होंने राज्य में भारतीय जनता पार्टी को ख़त्म कर दिया. चाहे पूर्व मुख्यमंत्री और अब सामने से ताल ठोंक रहे वयोवृद्ध नेता केशुभाई पटेल और सुरेश मेहता हों या उनके पीछे हाथ बाँध कर खड़े अमित शाह, सौरभ पटेल और आनंदी बेन पटेल जैसे मंत्री, किसी को भी मोदी अपने कद के आस पास भी नहीं फटकने देते.
अहमदाबाद में राजनीति शास्त्र के विशेषज्ञ घनशयाम शाह कहते हैं कि पूरी दुनिया में और खास तौर से भारत में नेताओं के प्रति अविश्वास का भाव है. जब वो देखते हैं कि नरेन्द्र मोदी भी परंपरागत राजनीतिज्ञों को अपने से दूर रखते हैं तो यह उन्हें भाता है. शाह का कहना है कि गाँवों में रहने वालों और गरीब लोगों से अलग मध्यम वर्ग को अपना काम करने के लिए किसी नेता की ज़रुरत नहीं है. गुजरात में आधी आबादी शहरों में रहती है और आर्थिक रूप से माध्यम वर्ग में मौजूद लोगों की संख्या अन्य राज्यों की तुलना में ज़्यादा है.
गुजरात से बीबीसी संवाददाता अविनाश दत्त की रिपोर्ट....