सरकार धर्म के आधार पर किसी को आर्थिक फायदा नहीं दे सकती: कोर्ट

अहमदाबाद। गुजरात हाईकोर्ट ने सोमवार को कहा कि सरकार किसी समुदाय को धार्मिक आधार पर आर्थिक फायदे नहीं दे सकती। यदि ऐसा किया तो वह संविधान के अनुच्छेद 15(1) का उल्लंघन होगा। जिसमें धार्मिक आधार पर भेदभाव न करने की बात है।
हालांकि, चीफ जस्टिस भास्कर भट्टाचार्य और जस्टिस जेबी पारडीवाला की बेंच ने कोई फैसला नहीं सुनाया। इससे पहले 2009 में ऐसे ही एक मामले में तत्कालीन चीफ जस्टिस केएस राधाकृष्णन व जस्टिस अकील कुरैशी की बेंच समुदाय विशेष के उत्थान के लिए स्कॉलरशिप योजना की वकालत कर चुकी है। हाईकोर्ट में ही विचारों में मतभेद की वजह से मामला बड़ी बेंच को भेजा गया।
क्या है मामला:
मोदी सरकार ने केंद्र की योजना को गुजरात में लागू नहीं किया है। इसमें राज्य के पांच अल्पसंख्यक समुदायों के बच्चों को प्री-मैट्रिक स्कॉलरशिप देने का प्रावधान है। अदाम चाकी ने हाईकोर्ट से अनुरोध किया है कि योजना को गुजरात में लागू करने के निर्देश सरकार को दिए जाए। राज्य सरकार का तर्क है कि संविधान में उल्लेखित धर्मनिरपेक्षता की वजह से यह योजना लागू नहीं की गई। केंद्र का कहना है कि योजना पिछड़े तबकों की भलाई के लिए है। अन्य राज्यों में यह लागू है।
चलती जीप से गायब 25 किलो सोना दो दिन तक पड़ा रहा कचरे में!
बेटी का चल रहा था इलाज कि तभी पिता ने पोटली से कोबरा निकाला!
PICS: ट्रैफिक पुलिस दादा ने फिल्मी हीरो बन रोका ट्रक, बचाई कई जानें!









