विज्ञापन
 
Home >> Gujarat >> Rajya vishesh >> Ranchodbhai Pagi A Real Hero Of India

PIX: ...जब 1200 पाकिस्तानी सैनिकों पर भारी पड़ा यह इंडियन हीरो

1 of 6 Photos

पालनपुर (गुजरात)। साल 1965 एवं 1971 युद्घ के समय गुजरात सीमा पर सेना का मार्गदर्शन करने वाले रणछोडभाई पगी का गुरूवार को निधन हो गया। वे 112 साल के थे। रणछोड पगी जनरल साम माणोक-शॉ के ‘हीरो’ थे।  इतने अजीज कि ढाका में माणोकशॉ ने रणछोड़भाई पगी को अपने साथ डिनर के लिए आमंत्रित किया था।

बहुत कम ऐसे  सिविल लोगों थे जिनके साथ माणोकशॉ ने डिनर लिया था। रणछोडभाई पगी उनमें से एक थे। शुक्रवार को उनका राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार कर दिया गया। अंतिम क्रिया के समय उनकी अंतिम इच्छा के अनरूप सिर पर पगड़ी रखी गई। उनके खेत में ही उनका अंतिम संस्कार किया गया।  पगी का पूरा नाम था रणछोड़भाई सवाभाई रबारी।

वे पाकिस्तान के घरपारकर, जिला गढडो पीठापर में जन्मे थे। बनासकांठा पुलिस में राह दिखाने वाले (पगी) के रूप में सेवारत रहे। जुलाई-2009 में उन्होंने स्वैच्छिक सेवानिवृति ले ली थी। विभाजन के समय वे एक शरणार्थी के रूप में आए थे।

(रिपोर्ट : पंकज सोनेजी, नितिन पटेल, राणाजी वेंझिया, राजन चौधरी)


आगे पढ़िए तस्वीरों के साथ कि कब-कब पगी ने पाकिस्तान को धूल चटा देने में अहम रोल निभाया...


आपके विचार
 
 
कोड:
1 + 1

 
Ad Link
विज्ञापन
विज्ञापन
 
 
 
 
Sabse Bada Match Fixer Contest
 
 

बड़ी खबरें

रोचक खबरें

विज्ञापन

बॉलीवुड

जीवन मंत्र

क्रिकेट

बिज़नेस

जोक्स

पसंदीदा खबरें

Email Print Comment
Email Print Comment