गुजरात टूरिज्म डिपार्टमेंट की वेबसाइट में प्रकाशित की गई जानकारी के अनुसार 9वीं सदी के पूर्वाध तक एशियाटिक लायंस, दक्षिण एशिया और दक्षिण-पश्चिम एशिया के दुर्गम जंगलों में ही पाए जाते थे। उस समय ग्रीस से लेकर बांग्लादेश तक इन सिहों की बस्ती थी। यह वह समय था, जब मानव और सिंहों की बस्तियां भी करीब-करीब ही थीं, लेकिन इंसानी जीवन में आए बदलाव के कारण धीरे-धीरे जंगल खत्म होते गए और सिंह भी मानव आवश्यकतों की भेंट चढ़ते गए।