हालांकि आज सिंहों की संख्या तेजी से बढ़ रही है, लेकिन एक बार फिर से उनके रहवास का संकट भी खड़ा हो रहा है। यहां उल्लेखित करना महत्वपूर्ण होगा कि सन् 1880 में जहां जंगल का क्षेत्रफल 3000 चौरस किमी था, वहीं 20वी सदी के मध्य तक घटकर 2500 वर्ग किमी रह गया
और आज तो यह सिमटकर सिर्फ 1400 किमी ही रह गया है। इसमें से सिर्फ 258 वर्ग किमी में नेशनल पार्क स्थित है। अब जहां सिंहों की संख्या बढ़ रही है और जंगल का विस्तार कम हो रहा है तो इसके दुष्परिणाम भी सामने आ रहे हैं। अक्सर सिंह जंगल से बाहर निकलकर इंसानी बस्तियों में पहुंच जाते हैं और इसका खामियाजा कभी इंसान को तो कभी ¨सहों को भुगतना पड़ता है।