यूं तो गुजरात चमचमाती सड़कों और ऊंची-ऊंची इमारतों से देश में अपनी अलग ही पहचान बनाए हुए हैं। यहां आप किसी भी जगह पहुंच जाए, तो पाएंगे कि इंसानी जीवन के लिए यहां सभी आवश्यकताएं व्यवस्थित रूप में हैं, लेकिन गुजरात के एक विख्यात स्थल यानी की ‘अलंग शिपयार्ड’ का अलग ही नजारा है। किसी ऊंची जगह खड़े होकर देखें तो कई किलोमीटर तक आपको बस बड़े-बड़े जहाज या उनका मलबा ही नजर आएगा।
जर्जर जहाजों को देखकर आप पहली नजर में ये अंदाजा भी नहीं लगा सकते कि, ये वही जहाज हैं, जो कभी विशाल समुद्र का सीना चीरते हुए अंधी रफ्तार से भागा करते थे। लेकिन यह सच है, अलंग शिपयार्ड इन जहाजों का अंतिम सफर होता है।
हर तरफ लोहे और लकड़ियों का कबाड़। बड़ी-बड़ी क्रेनों के सायरन, मशीनों की आवाजें और लोहे का आक्रंद कानों को झनझना कर रख देता है। आप जहां भी देखें मजदूरों की टोलियां बड़े-बड़े जहाजों को नेस्तानाबूद करती हुई नजर आती हैं। इस शिपयार्ड की सबसे खास बात यह है कि अब से लगभग 30 वर्ष पहले यह जगह उजाड़ थी, लेकिन आज दुनिया के सबसे बड़े शिपयार्ड होने का तमगा इसके नाम है।
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