वड़ोदरा।देश की पहली महिला प्रेस फोटोग्राफर व पद्मविभूषण से सम्मानित होमाई व्यारावाला का रविवार को यहां निधन हो गया। वे 89 वर्ष की थीं। शहर के छाणी स्थित आवास पर गुरूवार को फिसल जाने के बाद उन्हें एक स्थानीय अस्पताल में भर्ती करवाया गया था, जहां रविवार दोपहर 12:30 बजे उन्होंने अंतिम सांस ली।
भारत-पाकिस्तान के विभाजन पर विचार के लिए हुई निर्णायक बैठक के अंदर, स्वतंत्र भारत के पहले प्रधानमंत्री के शपथ ग्रहण समारोह सहित कई ऐतिहासिक पलों की फोटोग्राफी के लिए व्यारावाला को याद किया जाता है।
दिवंगत व्यारावाला की करीबी मित्र जरूबहन कॉन्ट्रेक्टर ने बताया कि सोमवार को हिंदू मान्यता के अनुसार व्यारावाला की पार्थिव देह का अंतिम संस्कार किया जाएगा। वसीयत में व्यारावाला ने अंतिम संस्कार की बात कही है। उल्लेखनीय है कि व्यारावाला पारसी धर्म की अनुयायी थीं।
संक्षिप्त परिचय :
साल 1913 में नवसारी में एक मध्यम वर्गीय परिवार में जन्मी होमाई ने 1938 में फोटोग्राफी के क्षेत्रमें प्रवेश किया था तब कैमरा ही अपने आप में एक आश्चर्य कहलाता था और उस पर भी एक महिला का इस क्षेत्र में प्रवेश बडे अचरज की बात थी। वे सामाजिक हलचल को कैद करने इस क्षेत्र में आईं थीं। 1940 के दशक के आरंभ में पति माणोकशॉ के साथ ब्रिटीश इन्फर्मेशन सर्विसिस (बीआईएस) में बतौर फोटोग्राफर जुड़ी।
इस संस्था से फ्रिलान्सींग की परमिशन लेकर बड़े पैमाने पर काम शुरू किया। बाद में पीआईबी से जुड़ीं। देश के विभाजान की निर्णायक बैठक को कैमरे में कैद करने का श्रेय व्यारावाला के नाम है। व्यारावाला ने वर्ष 1970 में पेशेवर फोटोग्राफी से स्वेच्छा से निवृति ले ली थी। जनवरी-2011 में उन्हें कला जगत में उल्लेखनीय योगदान के लिए पद्म विभूषण से सम्मानित किया गया था।