गांधीजी के सिद्धांतों पर अटूट विश्वास रखने वाले इस दल का कांग्रेस में एक सम्माननीय स्थान है। कांग्रेस में गांधीजी के समय से ही यह प्रथा है कि पार्टी का हरेक केंद्रीय नेता पहले 'सेवादल' को सलाम करता है और इसके बाद ही किसी सभा को संबोधित करने या रैली के लिए प्रस्थान करता है। (सोनिया और राहुल फेल हो गए, प्रधानमंत्री तो दोबारा गुजरात ही नहीं आए)
कांग्रेस के किस वरिष्ठ नेता की सभा या रैली कहां आयोजित होने वाली है, इसकी जानकारी बड़े-बड़े नेताओं से पहले 'सेवादल' को दे दी जाती है। जानकारी मिलते ही यह टीम संबंधित नेता से पहले ही उस जगह पहुंच जाती है और व्यवस्था की सारी जिम्मेदारी संभाल लेती है। अपनी सफल रैलियों या सभाओं का सबसे पहला श्रेय कांग्रेस 'सेवादल' को ही देती है।