सोहराबुद्दीन एनकाउंटर : जांच के लिए लेंगे अमेरिकन जांच एजेंसी FBI की मदद
Source: bhaskar network | Last Updated 11:44(09/02/12)
अहमदाबाद। सोहराबुद्दीन फर्जी एनकाउंटर मामले में अमेरिका की जांच एजेंसी एफबीआई (फेडरल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन) की मदद लिए जाने की संभावना है। सीबीआई के सूत्रों ने बताया कि साबरकांठा जिले के इलोल गांव से गुजर रही धारणी नदी के किनारे से मिट्टी के सैंपल लेकर उसे जांचने के लिए एफबीआई, स्कॉटलैंड यार्ड या जर्मनी की फोरेंसिक लेबोरेटरी में भेजे जा सकते हैं। इससे पता चल सकेगा कि वहां पर सोहराबुद्दीन की पत्नी कौसर बी या किसी मानव शरीर को जलाया गया है या नहीं।
उल्लेखनीय है कि सोहराबुद्दीन का एनकाउंटर करने के बाद गांधीनगर के अर्हम फार्म हाउस में उसकी पत्नी कौसर बी को जहर का इंजेक्शन दे कर मार दिया गया था। बाद में उसकी लाश को पुलिस की जिप्सी में डीजी वणजारा के गांव इलोल ले जाकर धारणी नदी के किनारे पर जला दिया गया था। सीबीआई की टीम ने मंगलवार को कौसर बी को जहां जलाया गया था वहां से मिट्टी के सैंपल लिए हैं।
सीबीआई के सूत्रों ने बताया कि घटना के सात साल के बाद मिट्टी में कौसर बी के शरीर के अवशेष मिलना असंभव है, लेकिन अगर आधुनिक तकनीक की मदद से जांच की जाए तो यह पता चल सकता है की वहां कोई मानव शरीर जलाया गया था या नहीं। सीबीआई और एफएसएल की टीम को वहां से एक हड्डी मिली है, जो संभवत हाथ का एक टुकड़ा हो सकता है। एक चप्पल मिली है, जिस पर खून के दाग हैं या नहीं यह जांचा जाएगा।
-एक इन्जेक्शन की सिरींज भी मिली है। यह सिरींज कौशरबी हत्याकांड से जुडी है या नहीं वह टेस्ट के बाद ही पता चलेगा। सूत्रों ने बताया की इन्जेक्शन देते समय सिरींज का पिस्टन दबाने के बाद वापर खींचते समय थोडा सा खून रह जाता है। सिरींज का खून कौशर बी का है या नहीं यह जांच के बाद पता चलेगा।