अंबाला में हड़ताल के समय हुई मौत की मजिस्ट्रेट जांच के आदेश

अम्बाला सिटी. हड़ताल के दौरान रोडवेज कर्मचारीी की मौत के बाद उपजे विवाद को लेकर सरकार झुक गई है। सरकार मौत की मजिस्ट्रेट जांच कराएगी। सात दिन में इस जांच को पूरा किया जाएगा।
तब तक रोडवेज कर्मचारियों के खिलाफ दर्ज हुए केस पर कार्रवाई नहीं की जाएगी। इस जांच में चारों अफसर को भी शामिल किया जाएगा, जिन पर यूनियन हत्या का आरोप लगा रही है।
यह जानकारी सरकार की तरफ से मध्यस्थता करने पहुंचे उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री रणदीप सुरजेवाला ने दी। वह पीडब्ल्यूडी रेस्ट हाउस में गुरुवार को पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे।
वहीं सभी कर्मचारी अपनी ड्यूटी पर जाकर सेवाएं बहाल करने के लिए सहमत हो गए हैं। इसके अतिरिक्त हड़ताल के दौरान घायल हुए कर्मचारियों का इलाज भी सरकारी खर्च पर कराया जाएगा।
उन्होंने कहा कि कर्मचारी नेताओं और परिजनों ने इस समझौते पर सहमति व्यक्त की है। यह समझौता बिना किसी दबाव के आपसी सहमति से किया गया है। इस मामले का कोई सर्वमान्य हल बातचीत से ही संभव था।
उन्होंने कहा कि 5 लाख रुपए की आर्थिक सहायता सरकार द्वारा तथा 5 लाख रुपए मुख्यमंत्री राहत कोष से दिए जाएंगे। मृतक नरेंद्र सिंह काका के बेटे कंवलजीत सिंह ने समझौते पर संतुष्टि व्यक्त की।
समझौते के बाद नरेंद्र का रामबाग में अंतिम संस्कार किया गया। इस मौके पर रणदीप सुरजेवाला, कर्मचारी नेता और प्रशासनिक अफसर मौजूद थे।






