पुलिस ने लिया था गीतिका और कांडा के बीच एमएमएस की ऑडियो-विजुअल क्लिपिंग बनाने का फैसला
मामला सुलझाने के लिए पुलिस गीतिका के मोबाइल का सीडीआर (फोन कॉल रिकॉर्ड ) बनाने में जुटी थी। साथ ही, वह गीतिका के परिजनों की मदद ले रही थी। पुलिस सीडीआर के आधार पर यह पता लगाने का प्रयास कर रही थी कि किन लोगों से गीतिका की बातचीत हुई। इसी के चलते पुलिस ने फैसला लिया था कि एफएसएल जांच की मदद से गीतिका और कांडा के बीच हुए एसएमएस की ऑडियो-विजुअल क्लिपिंग भी बनाई जाएगी। ये फैसला तब लिया गया था जब कांडा की रिमांड के सिर्फ दो दिन ही शेष बचे थे।
अगली तस्वीर: गीतिका को दुबई ले जाकर कांडा बनाना चाहता था हवस का शिकार