पंचकूला. 78 वर्षीय रिटायर्ड सीनियर बैंक मैनेजर पीडी गौरी ने सेक्टर 12ए में अपने मकान नंबर 552 के सामने वेस्ट मैटीरियल से कई स्ट्रक्चर बनाए हैं। गौरी ने बढ़ती उम्र को दरकिनार कर घर के सामने बेकार पड़ी जमीन पर वेस्ट मैटीरियल से पिरामिड, माउंटेन, चर्च, गुरुद्वारा, मंदिर, वॉच हाउस, गेट और मिनी रॉक गार्डन बनाया है। यह काम उन्होंने तीन साल में पूरा किया है।
गौरी ने जो स्ट्रक्चर बनाए हैं, उनमें किसी भी तरह का मसाला इस्तेमाल नहीं किया गया है। इसमें सीमेंट, रेत, सरिये का इस्तेमाल भी नहीं किया गया। गौरी ने इन स्ट्रक्चर्स को बनाने के लिए मार्बल का इस्तेमाल किया है। ऊपरी ढांचे में मार्बल के छोटे टुकड़े लगाए गए हैं।
ढांचे के अंदर मलबा भरा गया है। इन्हें बनाते समय मार्बल के टुकड़ों को फिट करने में उनकी अंगुलियों में एक साल तक जख्म रहे। इसके बावजूद उन्होंने लगातार मेहनत कर इस काम को अंजाम दिया।
गौरी ने बताया कि उन्होंने घर के सामने ग्रीन बेल्ट विकसित करने के लिए यह बीड़ा उठाया। यहां स्ट्रक्चर बनाने के लिए उन्होंने स्कूटर पर जगह-जगह से वेस्ट मार्बल व अन्य सामान इकट्ठा किया। चंडीगढ़ तक से वे मार्बल ढोकर लाए। सबसे पहले ग्रीन बेल्ट में पहाड़ का निर्माण किया गया।
इसे बनाने में करीब 3 साल लग गए। उसके बाद पिछले एक साल में मंदिर, गुरुद्वारा, चर्च, गेट, वॉच हाउस बनाए गए। सुबह-शाम सैर करते वक्त वे नजर रखते थे कि कहां मकान का निर्माण हो रहा है। वहीं से वे अपने मतलब की चीजें उठाकर लाते और यहां उनका इस्तेमाल करते।
उन्होंने बताया कि इन स्ट्रक्चर्स को बनाने में किसी तरह के औजार, मिट्टी रेत, सीमेंट, सरिये का इस्तेमाल नहीं
किया गया है। इन स्ट्रक्चर्स के निर्माण के लिए मजदूर से लेकर आर्किटेक्ट तक का सारा काम उन्होंने खुद किया है।