नरवाना में दलित किशोरी से गैंगरेप, आग लगाकर जान दी

नरवाना।सच्चाखेड़ा गांव में शनिवार को दलित किशोरी के साथ दो युवकों ने सामूहिक दुष्कर्म किया। अस्मत तार-तार होने के बाद पीड़ित लड़की ने खुद को कमरे में बंद कर आग लगा ली। जब तक परिजन दरवाजा तोड़कर कमरे में घुसते वह बुरी तरह से झुलस चुकी थी। करीब ९क् फीसदी जली शर्मिला को सामान्य अस्पताल पहुंचाया गया, जहां डाक्टरों ने उसे पीजीआई, रोहतक रेफर कर दिया। रोहतक पहुंचने पर उसने दम तोड़ दिया।
इस सिलसिले में दनौदा थाना पुलिस ने चार आरोपियों नवीन, संजीव, प्रदीप और महिला मीनू पर विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। पुलिस ने नवीन, संजीव व मीनू को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि मुख्य आरोपी प्रदीप को पकड़ने के लिए उनके ठिकानों पर दबिश दी जा रही है।
दोपहर डेढ़ बजे गांव के वाल्मीकि समुदाय की 16 वर्षीय शर्मिला गली से गुजर रही थी तभी पड़ोस में रहने वाला उसी के समुदाय का प्रदीप उसे घसीटकर अपने कमरे में ले गया। जैसे ही प्रदीप उसे लेकर कमरे में घुसा तो नवीन ने अंदर से दरवाजा बंद कर लिया। फिर दोनों ने उसके साथ दुष्कर्म किया। इस दौरान संजीव तथा आरोपी प्रदीप की भाभी मीनू बाहर पहरा देते रहे। दरिंदों के चंगुल से छूटी किशोरी घर आई तो मोहल्ले वाले भी जुट गए। तभी शर्मिला ने अपने ऊपर केरोसीन उड़ेल कर आग लगा ली। इससे पहले २ अक्टूबर को नरवाना में मंदबुद्धि दलित महिला से दुष्कर्म हुआ था।
१क् साल से आजीवन कैद तक की हो सकती है सजा
दुष्कर्म के मामले में आईपीसी की धारा-376 लगती है। इस मामले में दोषी को १क् साल से लेकर आजीवन कारावास की सजा हो सकती है। पीड़िता द्वारा अपनी जीवनलीला समाप्त करने पर आरोपियों पर सुसाइड के लिए हालात बनाने के कारण धारा-306 भी लगाई जाती है। इसमें भी अधिकतम सजा दस साल की कैद है। दोषी पाए जाने पर कोर्ट दोनों धाराओं के तहत सजा देती है।
दम तोड़ने से पहले दर्ज कराया बयान
मरने से पहले शर्मिला ने मजिस्ट्रेट तरणजीत कौर को दिए बयान में बताया कि उसके साथ पहले प्रदीप ने दुष्कर्म किया फिर नवीन ने। युवक संजीव और प्रदीप की भाभी मीनू ने आरोपियों की मदद की।
खुदकुशी को लेकर पीड़िता पर केस नहीं
दुष्कर्म मामले में पीड़िता के खुदकुशी कर लेने पर उस पर कोई धारा नहीं लगती। अगर पीड़िता बच जाती है तो उस पर धारा-३क्९ के तहत कार्रवाई बनती। अटेंप्ट टू सुसाइड के जुर्म में उसे दो साल की सजा हो सकती है। -मनजीत सिंह श्योराण, एडवोकेट,पूर्व अध्यक्ष जिला बार एसोसिएशन जींद







