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सिरसा में सामान्य होने लगे हालात, बाजार खुले

Bhaskar news | Nov 27, 2012, 06:04AM IST
सिरसा में सामान्य होने लगे हालात, बाजार खुले

सिरसा। सिरसा में तीसरे दिन सोमवार को कर्फ्यू में सुबह 6 बजे से रात 9 बजे तक ढील दी गई तो सामान्य जनजीवन पटरी पर लौटने लगा। 15 घंटे की मोहलत के दौरान कोई अप्रिय घटना नहीं हुई है। रोजमर्रा के जरूरी सामान खरीदने के लिए लोग घरों से बाहर निकले। बाजार खुले। पूरा दिन शांति से गुजरा। हालांकि स्कूल-कॉलेज, दफ्तर, बैंक और अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठान बंद रहे। जैसे-जैसे दिन चढ़ता गया वैसे-वैसे बाजारों में लोगों की तादाद बढऩे लगी। हालांकि गांवों से आने वाले ग्राहकों की संख्या कम रही। वाहन चालक पेट्रोल पंपों पर वाहनों में पेट्रोल या डीजल डलवाते नजर आए।उधर, ढील के दौरान शहर के सभी प्रमुख जगहों पर अर्धसैनिक बल और पुलिस के जवान तैनात रहे। सुरक्षा के लिहाज से कई जगहों पर नाकेबंदी की गई थी।


सिरसा में आज सुरक्षा के बीच नगर कीर्तन
सिरसा। सिख समुदाय की ओर से गुरुपर्व पर शहर में कड़ी सुरक्षा के बीच मंगलवार को नगर कीर्तन निकाला जाएगा। सिख समुदाय के लोगों ने जिला प्रशासन से नगर कीर्तन निकालने की मंजूरी ले ली है। वहीं, जिला प्रशासन ने कहा है कि नगर कीर्तन के दौरान कड़ी सुरक्षा रहेगी। गुरुपर्व पर मंगलवार सुबह नौ बजे से गुरुद्वारा चिल्ला साहिब से नगर कीर्तन शुरू किया जाएगा, इसके बाद पूरे शहर में सभी बाजारों से होता हुआ वापिस गुरुद्वारा साहिब में पहुंचेगा। नगर कीर्तन को लेकर शहर में सिख श्रद्धालुओं ने तैयारियां शुरू कर दी हैं। जगह-जगह पर स्वागत द्वार लगाए जाएंगे।


 



इस मौके पर गुरुद्वारे में श्री अखंड पाठ का प्रकाश किया गया है, जिसका भोग 28 नवंबर को डाला जाएगा। श्री गुरुग्रंथ साहिब सत्कार सभा हरियाणा के प्रदेशाध्यक्ष सुखविंद्र सिंह खालसा ने कहा कि नगर कीर्तन में शहर के अलावा आसपास के गांवों के करीब पांच हजार लोग हिस्सा लेंगे। उन्होंने कहा कि नगर कीर्तन के रूट का नक्शा उन्होंने एसडीएम अमरजीत सिंह को दे दिया है। नगर कीर्तन में सुरक्षा करना प्रशासन की नैतिक जिम्मेदारी होगी।
जिला उपायुक्त जे गणेशन ने कहा कि नगर कीर्तन को लेकर शहर में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था रहेगी। जिला प्रशासन ने अपनी तैयारियां कर ली हैं।


टाला जा सकता था विवाद
इंद्रमोहन शर्मा. सिरसात्न डेराप्रेमियों और सिखों के बीच टकराव को बड़ी आसानी से टाला जा सकता था। डेराप्रेमियों ने शहर के बी ब्लॉक स्थित पार्क में नामचर्चा रखी और उसी दिन ही गुरुद्वारा दसवीं पातशाही में सिख नेताओं की मीटिंगों का भी दौर चला। डीसी और एसएसपी सिख नेताओं की मीटिंग में जाकर उन्हें नसीहत भी दे आए थे। मगर नामचर्चा कर रहे डेराप्रेमियों के पास जाने की जहमत किसी भी अधिकारी ने नहीं की। नतीजतन, नामचर्चा भी लंबे समय तक तब तक जारी रही। जैसे ही सिख नेताओं की मीटिंग खत्म हुई लगभग उसी समय नामचर्चा भी खत्म कर दी गई। सिख नेता गुरुद्वारा से बाहर निकल कर अपने गंतव्य की तरफ जाने लगे तो उधर से नामचर्चा से वापस आ रहे डेरा प्रेमी उन्हें रास्ते में वाल्मीकि चौक पर एक दूसरे के सामने आ गए और भिड़ पड़े।नागरिक परिषद के संयोजक जगदीश चोपड़ा भी मानते हैं कि डेराप्रेमियों और सिखों में जो खूनी टकराव हुआ उसमें साफ तौर से पुलिस प्रशासन का ढुलमुल रवैया जिम्मेदार रहा है। मौजूद पुलिस अधिकारियों व कर्मचारियों ने उस टकराव को रोकने के लिए न तो लाठीचार्ज किया, न आंसू गैस के गोले छोड़े और न ही अन्य कोई कार्रवाई की बल्कि वहां से खिसक गए।



संत तिलोकेवाला पीजीआई से शिफ्ट
सिरसा. डेराप्रेमियों और सिखों के बीच हुए खूनी टकराव में घायल हुए एसजीपीसी के सदस्य संत गुरमीत सिंह तिलोकेवाला पीजीआई चंडीगढ़ में ले जाया गया था और उन्हें सोमवार को चंडीगढ़ से सेक्टर 16 के अस्पताल में शिफ्ट किया गया है। डीसी डॉ. जे गणेशन ने बताया कि प्रशासनिक अधिकारियों की संत गुरमीत सिंह तिलोकेवाला के परिजन जो उनके साथ चंडीगढ़ गए हुए हंै उनसे मोबाइल पर बात हुई है। उन्होंने बताया कि संत गुरमीत सिंह तिलोकेवाला की हालत बिल्कुल ठीक है। उन्होंने आमजन से यही कहा है कि वे अफवाहों से बचे और उनका स्वास्थ्य ठीक है।


कालांवाली। उधर, संत गुरमीत सिंह तिलोकेवाला के निजी सचिव भाई मनोज सिंह ने फोन पर बताया कि संत बाबा गुरमीत सिंह की सेहत में काफी सुधार है और उन को जल्दी ही अस्पताल से छुट्टी मिल जाने की उम्मीद है। उन्होंने सिख संगत को शांति बनाये रखने की अपील की है।


संत दादूवाल के हेडक्वार्टर की पुलिस ने की घेराबंदी


तलवंडी साबोत्नसिरसा में शनिवार को हुए डेरा प्रेमियों व सिखों के बीच टकराव के बाद सोमवार को पुलिस ने तलवंडी साबो में पंथक सेवा लहर के मुखी संत बाबा बलजीत सिंह दादूवाल के हैडक्वार्टर गुरुद्वारा जंडालीसर साहिब की घेराबंदी कर संत दादूवाल को नजरबंद कर दिया।



इसके अलावा हेडक्वार्टर तक आने जाने वाले सभी रास्तों पर पुलिस द्वारा नाकाबंदी की हुई है और आने जाने वाले सभी वाहनों की जांच की जा रही है। गुरुद्वारा साहिब के बाहर एसएचओ कोटफत्ता के नेतृत्व में भारी पुलिस तैनात की हुई है। उल्लेखनीय है कि संत दादूवाल उत्तराखंड गए हुए थे और वह सोमवार सुबह वापस आए थे।
आए तो पुलिस ने उनको नजरबंद कर दिया।



डेरामुखी पर ठोस फैसले लिया जाए : बाबा हरदीप
24 नवंबर को डेरा प्रेमियों व सिखों के बीच हुई झड़प के बाद सोमवार को गुरुद्वारा साहिब गुरुसर महराज में बाबा हरदीप सिंह के नेतृत्व में मीटिंग हुई। बाबा हरदीप सिंह ने कहा कि डेरा प्रेमियों द्वारा गुंडागर्दी की गई है, जो कि एक शर्मनाक घटना है।



 



 


उन्होंने सिख साहिबानों को अपील की कि सिरसा वाले के खिलाफ श्री अकाल तख्त साहिब के नेतृत्व में ठोस फैसला लिया जाए। इस मौके पर ज्ञानी जगजीत सिंह, बीबी जसपाल कौर, भाई करमजीत सिंह, भाई जीवन सिंह, जत्थेदार अमरजीत सिंह, भाई वजीर सिंह, भाई गुरसेवक सिंह, तेजा सिंह, भगवान सिंह, मेजर सिंह, जीत सिंह, तेजा सिंह आदि उपस्थित थे। 

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