अम्बाला. ईशा चार्टर्ड एकाउंटेंट (सीए) हैं। रजनी शिक्षिका हैं। यश बीटेक के विद्यार्थी हैं। भावना गृहिणी हैं। चारों का क्षेत्र अलग और दिनचर्या भी अलग-अलग है। कोई किताबों में व्यस्त रहता है तो कोई घर के कामों में। लेकिन एक चीज है जो चारों को जोड़ती है और वह है पेंटिंग।
यह सभी पेंटिंग बनाते हैं। सिर्फ यही चार नहीं बल्कि शहर के 400 लोग हैं, जो अलग-अलग पेशे से जुड़े हैं, लेकिन पेंटिंग के शौक के कारण आपस में जुड़े हैं। इन्हीं शौकिया व कुछ पेशेवर कलाकारों द्वारा बनाए चित्रों की प्रदर्शनी 15 से 17 दिसंबर तक सरहिंद क्लब में लगेगी।
भारत फाइन आट्र्स अकादमी यह प्रदर्शनी लगा रही है। अकादमी की निदेशक शिवानी राजपाल ने बताया कि वयोवृद्ध समाजसेवी डॉ. जयदेव प्रदर्शनी का शुभारंभ करेंगे। जबकि भामा एकेडमी ऑफ फाइन आर्ट पंचकूला के डायरेक्टर राम कुमार शर्मा प्रदर्शनी में विशेष अतिथि के रूप में शामिल होंगे।
प्रदर्शनी में चित्र शामिल करने के लिए रविवार को 32 कलाकारों ने कैनवास पर मॉडर्न पोट्रेट, लैंडस्केप व रशियन आट्र्स सजाई। भारत अकादमी नौ साल से अम्बाला में चल रही है, जिसमें पांच से लेकर 40 वर्ष तक के पेशेवर व शौकिया कलाकार जुड़े हैं।
गिटार को उतारा कैनवास पर : ईशा पेशे से सीए हैं और गिटार बजाने का भी शौक है। ईशा ने इस शौक को अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाने के लिए पेंटिंग के क्षेत्र को चुना है, ताकि अधिक अधिक लोग संगीत के क्षेत्र से जुड़ सकें।
ईशा का जो चित्र प्रदर्शनी में शामिल होगा, उसमें भी उन्होंने गिटार ही बनाई है। ईशा आठ साल से चार्टर्ड एकाउंटेंट के व्यस्त काम में से समय निकाल चित्रकारी करती हैं।
इनकी पेंटिंग भी शामिल होगी : इंडिकॉम शिक्षिका रजनी, स्मृति गांधी, सीए बिंदू, मिताली, खुशी, अभिषा, नैतिक, आदित्य, मान्या सरीन, रिया जैन, युविका, गीतांजलि, हमराज, स्मृति, सलोनी, शालिनी, पूजा, मीनाक्षी, इकनूर, लविश, शुचिता, ईशा।