अम्बाला. गुरू गोबिंद सिंह के 348वें प्रकाश उत्सव पर पूरे शहर में एक अलग ही लहर फैली थी। लोगों ने इसे बहुत ही धूम-धूम से मनाया। आज हम आपको इस खबर के जरिए देश में स्थित कुछ ऐसी जगहों के बारे में बताएंगे जहां पर आज भी गुरूजी का इतिहास जीवंत है।
भास्कर डॉट कॉम के जरिए आप जान सकेंगे अंबाला में स्थिति ऐसे सात गुरूद्वारों के बारे में जो ना केवल हर सिक्ख बल्कि प्रत्येक देशवासी के लिए गौलव का प्रतीक हैं। दसवीं पातशाही गुरु गोबिंद सिंह जी का ननिहाल अम्बाला के लखनौर साहिब में है।
बाल्यकाल में गुरु जी लंबे समय तक ननिहाल रहे। उनसे जुड़ी साढ़े तीन सौ साल से भी ज्यादा पुरानी चीजें आज भी सहेजी गई हैं। उल्लेखनीय यह है कि अम्बाला में सात ऐसे गुरुद्वारे हैं, जिनके साथ गुरु जी का इतिहास जुड़ा है।
गुरु गोबिंद सिंह के प्रकाशोत्सव के उपलक्ष्य में दैनिक भास्कर कुछ सिख संगठनों के सहयोग से गुरु जी से जुड़ी कुछ जानकारियां यहां दे रहा है।
आगे की तस्वीरों पर क्लिक करके जानिए कौन से हैं ये सात गुरूद्वारे और कौन सी यादें जुड़ी हैं इनके साथ...