वीर, कवि और दानी
मानवता और धर्म की रक्षा के लिए 14 युद्ध लड़े। वह महाबली, कवि और दानी के रूप में जाने जाते हैं। उन्होंने चारों पुत्रों और अपनी मां का बलिदान दिया।
सौहार्द की मिसाल
जहांगीर प्रजा को जबरदस्ती मुसलमान बना रहा था। कश्मीरी पंडितों ने गुरु तेग बहादुर साहिब को आनंदपुर साहिब आकर व्यथा सुनाई। तब हिंदू धर्म की रक्षा के लिए गुरु गोबिंद साहिब ने अपने पिता जी से अनुरोध किया।
अंबाला के अन्य ऐतिहासिक गुरूद्वारे...