गुरुद्वारा गेंदसर साहिब
यह गुरुद्वारा लखनौर साहिब से कुछ दूरी पर है। गुरु गोबिंद सिंह जी जब पटना साहिब से आनंदपुर साहिब जा रहे थे, तो अपने ननिहाल लखनौर साहिब में सात महीने ठहरे थे। बचपन में गुरु जी यहां गेंद से खेलते थे। बचपन में उनका नाम गोबिंद राय था। मान्यता है कि यहां पर उन्होंने राक्षस रूपी सांप को तीर मारकर उसका उद्धार किया था। वर्तमान में यहां प्राचीन सरोवर है, जिसके बारे में मान्यता है कि इसमें डुबकी लगाने से कुष्ठ रोग से मुक्ति मिलती है।
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