गुरु जी का प्रकाश
23 पौष सुदी सातवीं 1723 (1660 में) पटना शहर में।
अम्बाला में आगमन
7 वर्ष की उम्र में अपने माता जी के साथ ननिहाल में कई महीने तक रहे।
खालसा पंथ की नींव
1699 में बैसाखी पर खालसा पंथ की नींव रखी। पांच प्यारों को अमृत की दात दी और फिर खुद अमृत की दात मांगी। तभी उनके बारे में कहा जाता है...'वाहो-वाहो गोबिंद सिंह, आपे गुरु चेला...।'
अगली तस्वीर: गोबिंद सिंह जी के सौहार्द की मिसाल