151 किमी लंबे साउथ कॉरिडोर के लिए समझौता

चंडीगढ़। हरियाणा के सड़क तंत्र को मजबूत करने की दिशा में साउथ कॉरिडोर के निर्माण कार्य के लिए समझौते पर हस्ताक्षर किए गए हैं। 1605 करोड़ रुपए की लागत से 151 किलोमीटर लंबे राजस्थान सीमा से राय मलिकपुर से नारनौल-महेंद्रगढ़-दादरी-भिवानी-खरक तक की परियोजना है। इस परियोजना से उत्तरी राज्यों पंजाब, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर का दक्षिण-पश्चिमी राज्यों के साथ अंतरराज्यीय संपर्क बढ़ेगा।
हरियाणा के मुख्य सचिव पी.के. चौधरी की उपस्थिति में राज्य सरकार की ओर से लोक निर्माण विभाग (भवन एवं सड़कें) के अभियंता प्रमुख एस.के. मनोचा, मैसर्स आईवीआरसीएल एसेट्स एंड होल्डिंग्स लिमिटेड के मुख्य कार्यकारी अधिकारी आर.के. सिंह ने समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए। मुख्य सचिव पी.के. चौधरी ने बताया कि इस परियोजना को लेकर हरियाणा के मुख्यमंत्री भूपेन्द्र सिंह हुड्डा विशेष रूप से निरीक्षण करते रहे हैं। उनके प्रयासों के परिणामस्वरूप ही इस परियोजना को कम से कम समय में लागू किया जा सका है। इस परियोजना को कंपनी द्वारा डिजाइन, निर्माण वित्त, संचालन, हस्तांतरण आधार पर बनाया जाएगा। इसमें नारनौल, नांगल चौधरी, नांगल सिरोही, भिवानी में चार नए चार मार्गी बाइपास बनाए जाएंगे। इसके अलावा, भिवानी तथा नारनौल बाइपास पर रेलवे उपरिगामी पुल बनेंगे। महेंद्रगढ़ में भी रेलवे उपरिगामी पुल बनेगा। साथ ही, परियोजना में 12 छोटे पुल, 154 कल्वर्टस, 62 बस-ले, 6 ट्रक-ले तथा 5 किलोमीटर लंबी सर्विस लेन भी बनाई जायेगी। इस परियोजना के लिए भूमि हस्तांतरण, पर्यावरणीय मंजूरी, आरओबी के निर्माण तथा अन्य आवश्यक औपचारिकताएं पूरी कर ली गई हैं।







