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जज्बा: खेतों में की गई प्रैक्टिस से जीता राष्ट्रीय पुलिस गेम्स में रजत

bhasker news | Dec 03, 2012, 07:46AM IST
जज्बा: खेतों में की गई प्रैक्टिस से जीता राष्ट्रीय पुलिस गेम्स में रजत

अम्बाला. जज्बा हो तो क्या नहीं हो सकता। जज्बे की ही बदौलत अम्बाला के छोटे से गांव में पली-बढ़ी महिला युवा शूटर ने देश में अपनी पहचान कायम की है। हरियाणा पुलिस में बतौर हेड कांस्टेबल बीहटा छपरा गांव की रहने वाली रजनी संसारवाल ने राष्ट्रीय पुलिस गेम्स में रजत पदक पर निशाना साधा है।



पुलिस गेम्स में रजनी का लगातार यह दूसरा दमदार प्रदर्शन है। अब रजनी का सपना देश के लिए ओलिंपिक में खेलना है। शूटिंग के लिए आर्थिक तंगी के बावजूद उसके जोश और जुनून में कोई कमी नहीं आई। 


हेड कांस्टेबल रजनी संसारवाल ने 26 से 30 नवंबर तक जालंधर में हुई छठी ऑल इंडिया पुलिस शूटिंग स्पर्धा में दो पदक जीते। 25 मीटर स्पोट्र्स पिस्टल की व्यक्तिगत स्पर्धा में रजनी ने रजत पदक पर निशाना लगाया है। वह केवल कुछ अंकों से स्वर्ण जीतने से चूक गई।



इसके अलावा 10 मीटर एयर पिस्टल के टीम इवेंट में उसने कांस्य पदक जीता। रजनी बताती है कि इस स्पर्धा के लिए उसने अच्छी तैयारी की थी। अब सोमवार से ही दिल्ली की शूटिंग रेंज के लिए अभ्यास में जुटेगी। हरियाणा में अंतरराष्ट्रीय स्तर की शूटिंग रेंज न होने की वजह से रजनी दिल्ली में अभ्यास करती है।



इससे पहले राष्ट्रीय पुलिस गेम्स में 25 मीटर स्पोट्र्स पिस्टल में स्वर्ण पदक जीत चुकी है जबकि ओपन राष्ट्रीय स्पर्धा में भी रजनी ने पदक जीते हैं।



अभ्यास पर बहुत खर्च 
रजनी का कहना है कि एक शॉट मारने के लिए 15 रुपए खर्च होते हैं। अभ्यास के लिए कई शॉट लगाने पड़ते हैं। जद्दोजहद के बाद ही विदेश से पिस्टल मंगानी पड़ती है।


उसके पास 25 मीटर इवेंट के लिए सवा लाख रुपए की पिस्टल है जबकि 10 मीटर एयर पिस्टल एक लाख रुपए की है। यह पैसे उसने अपनी तनख्वाह से जमा किए थे। फिर पिस्टल मंगाई। सरकार को सुविधाएं देनी चाहिए।



ऐसे सफर तय किया
साहा के पास बीहटा छपरा गांव की रहने वाली रजनी संसारवाल तीन भाई-बहनों में सबसे बड़ी है। उसके पिता देसराज किसान हैं। रजनी ने शाहाबाद कॉलेज से एमए किया। 2007 में हरियाणा पुलिस में चुनी गई।


यहीं से उसने शूटिंग में हाथ आजमाए। रजनी का कहना है कि कोच इंस्पेक्टर ताराचंद ने उसकी मदद की। वह राज्य व राष्ट्रीय स्तर पर पदक जीत चुकी है।



पहले कॅरिअर फिर शादी
रजनी पुलिस में भर्ती हुई तो रिश्ते आने लगे थे, पर रजनी के लिए शूटिंग में मुकाम हासिल करना पहला लक्ष्य है। उसका कहना है कि शादी से पहले उसका कॅरिअर जरूरी है। साथ ही उभरते खिलाडिय़ों के लिए वह कुछ करेगी। उसे जो दिक्कतें झेलनी पड़ीं, नए खिलाडिय़ों को वह न झेलनी पड़े।


अच्छी कोचिंग व आर्थिक मदद की जरूरत है।
बिना प्रोफेशनल कोच के अभ्यास शूटिंग के लिए यदि कोई प्रोफेशनल कोच चाहिए तो 30 से 50 हजार रुपए प्रति माह खर्च होगा। विदेशी कोच तो डॉलरों के हिसाब से फीस मांगते हैं। बिना प्रोफेशनल कोच के अभ्यास करना चुनौतीपूर्ण है। अब तक केवल पुलिस या अन्य प्रशिक्षकों का सहारा है जो सहानुभूति के तौर पर रजनी को फ्री कोचिंग दे रहे हैं।

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