फरीदाबाद. बदलती लाइफ स्टाइल के प्रेशर में शरीर के ज्वाइंट जवाब दे रहे हैं। कभी बुजुर्गों की बीमारी माने जाने वाले जोड़ों के दर्द से अब युवा पीढ़ी भी परेशान है।
सरकारी व निजी अस्पतालों में ज्वाइंट दर्द से परेशान युवाओं की संख्या तेजी से बढ़ रही है। रोज करीब 100-150 लोग फिजियोथैरेपी के सहारे दर्द कम करने के लिए आ रहे हैं। एक साल में इनकी संख्या 15 से 20 हजार तक पहुंच जाती है।
आगे की तस्वीरों पर क्लिक करके देखिए क्या हैं इस बीमारी के कारण और क्या है बचाव...