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साहब को पेश पानी का सैंपल भी हो गया फेल
dainik bhaskar news
| Jun 28, 2012, 04:18AM IST

इस पर नायब तहसीलदार स्वास्थ्य विभाग की टीम से बोले, जरा इस पानी के सैंपल की भी जांच करो। जांच में जो नतीजा आया वह चौंकाने वाला था, लिया गया सैंपल भी फेल निकला। फिर क्या था साहब तो सन्न रह गए और आंगनबाड़ी वर्कर शर्म से पानी-पानी हो गई।
बुधवार माजरा था बुधवार को लालकुर्ती आंगनबाड़ी का। कैंट के विभिन्न हिस्सों से आ रहे डायरिया के मामलों को देखते हुए डीसी के आदेश पर नायब तहसीलदार रामकुमार स्वास्थ्य विभाग की टीम के साथ जांच पर निकले थे। इस दौरान वो लालकुर्ती की आंगनबाड़ी पहुंचे और रजिस्टर व राशन चेक करने लगे।
थोड़ी देर में ही आंगनबाड़ी हेल्पर ट्रे में पानी के गिलास रखकर लाई और नायब तहसीलदार के सामने कर दिया। नायब तहसीलदार ने हेल्थ इंस्पेक्टर हरभजन सिंह को पानी का सैंपल लेने को कहा। जांच की तो पानी में क्लोरीन नहीं थी। हैरानी की बात यह थी कि आंगनबाड़ी में हैलोजन की गोलियां तो थीं मगर पानी में नहीं डाली गई।
ट्यूबवेल ऑपरेटर को डोजर का ही नहीं पता था: अधिकारियों की टीम लालकुर्ती में ही लगे जलापूर्ति विभाग के ट्यूबवेल पर पहुंची। ऑपरेटर से पूछा क्लोरीन डालते हो तो उसे पता ही नहीं था कि कैसे डाली जाती है। नायब तहसीलदार ने उसे ट्यूबवेल चलाने को कहा। उसने ट्यूबवेल तो चला दिया, लेकिन डोजर ऑन नहीं किया। डोजर के माध्यम से ही पानी में क्लोरीन मिलाई जाती है। ऑपरेटर की सिट्टी-पिट्टी गुम हो गई क्योंकि ट्यूबवेल से लिए पानी में क्लोरीन सैंपल फेल गया था।
आंगनबाड़ी कर्मियों ने हाजिरी ही नहीं लगाई थी: नायब तहसीलदार ने लालकुर्ती की दो, आलू गोदाम व तेली मंडी की एक-एक आंगनबाड़ी का निरीक्षण किया। वहां राशन तो ठीक था अलबत्ता हाजिरी रजिस्टर में न ही हेल्पर ने और न वर्कर की हाजिरी लगी थी। नायब तहसीलदार ने कैंट सिविल अस्पताल में हाजिरी चेक की। साथ दवा स्टोर व वार्डो में जाकर देखा।






