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अमित सुसाइड केस में अफसरों ने दबाई रिपोर्ट

संजीव महाजन | Apr 20, 2012, 01:20AM IST
 
 

चंडीगढ़/अम्बाला. चंडीगढ़ पुलिस की लापरवाही के चलते अम्बाला के अमित गर्ग को बचाया नहीं जा सका। आत्महत्या करने से पहले अमित अपनी मां की लाश लेकर पूरे चंडीगढ़ में घूमता रहा था। उस केस में चंडीगढ़ पुलिस की ओर से बरती गई कोताही की जांच का जिम्मा आईजी प्रदीप श्रीवास्तव ने एसएसपी (विजिलेंस) आरएस घुम्मन को सौंपा था। विजिलेंस जांच में 8 पुलिसवालों की लापरवाही साबित हो गई लेकिन इनमें से कुछ अफसरों के चहेते हैं इसलिए आला अफसरों ने विजिलेंस रिपोर्ट को ही दबा दिया है।

सूत्रों के अनुसार करीब 1 माह पहले पहले विजिलेंस ब्यूरो ने डिटेल रिपोर्ट एसएसपी आरएस घुम्मन के पास भेजी थी। रिपोर्ट में कहा गया कि इन पुलिसकमिर्यों ने न सिर्फ डेड मैन राइट्स यानि मृत व्यक्ति के अधिकार का हनन किया, बल्कि अगर ये पुलिसकर्मी अपनी ड्यूटी ढंग से निभाते तो अमित को बचाया भी जा सकता था। आला अफसरों को रिपोर्ट के तथ्यों की भनक लगते ही रिपोर्ट दबा दी गई। अब रिपोर्ट कहां है, कुछ नहीं पता।


22 फरवरी की रात होटल में कर लिया था सुसाइड

अम्बाला के केंद्रीय विद्यालय नंबर दो में टीचर शैल गर्ग की मौत के बाद उनका बेटा अमित मां की लाश कार में लेकर सड़कों पर घूमता रहा था। वह पहले सिविल अस्पताल गया था जिसके बाद वह चंडीगढ़ की ओर कार में चला गया था। बताते हैं कि चंडीगढ़ में भी वह काफी देर तक लाश लेकर घूमता रहा।

डिप्रेशन होने के बाद अमित ने कुछ पत्रकारों व पुलिस को घटनाक्रम की जानकारी दी थी, मगर तब चंडीगढ़ पुलिस ने इस मामले में गंभीरता नहीं दिखाई। इसके बाद अमित जीटी रोड पर अम्बाला-कुरुक्षेत्र सीमा पर बने एक होटल में आ गया। यहां आने से पहले उसकी कार गड्ढे में पलट गई थी। होटल में २२ फरवरी की रात को उसने जहर खाकर सुसाइड कर लिया था।


किसकी कितनी लापरवाही

जांच में चौंकाने वाला तथ्य सामने आया कि डीएसपी रोशनलाल और एसएचओ मलकीत सिंह के संज्ञान में मसला आने के बाद और अमित को अखबार के दफ्तर से लाश समेत भेजने के बाद भी 2 घंटे तक अमित मां शैल गर्ग की लाश लेकर शहर भर में कार से घूमता रहा।


यहीं नहीं, कंट्रोल रूम में भी दो बार कॉल करके लोगों ने अमित के बारे में बताया कि कोई शख्स रैश ड्राइविंग कर रहा है। फिर भी अमित को रोकने की कोशिश नहीं की गई। रोशनलाल ने कायदे के अनुसार वक्तपर एसएचओ को सूचना दे दी थी।


मगर एसएसचओ ने न अमित को रोका, न डीएसपी को जानकारी दी। मात्र डीएसपी रोशनलाल को बताकर अमित को चलता कर किया। दोषियों की फेहरिस्त में थाना-17 का नाइट मुंशी भी है। उसे भी अमित ने मां की लाश कार में होने की जानकारी दी थी।


वह सेक्टर-45 की एक महिला के खिलाफ शिकायत भी देना चाहता था। थाना-34 के एक सब इंस्पेक्टर और नाइट मुंशी भी दोषी बताए गए हैं। इनके रोल के बारे में कहा गया कि इन्होंने कार में लाश देखी थी। कंट्रोल रूम ड्यूटी अफसर और थाना इंडस्ट्रियल एरिया के सब इंस्पेक्टर को भी दोषी बताया गया है।

हां, रिपोर्ट मेरे पास है, मैं बिजी हो गया था। एक-दो दिनों में रिपोर्ट आईजी साहब को सौंप दी जाएगी। -आरएस घुम्मन, एसएसपी ऑपरेशन।
 
 
 

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