अम्बाला सिटी. शिक्षा का अधिकार (आरटीई) लागू करने के लिए प्राइवेट स्कूलों की ओर से विभाग को सूचना देने के मुद्दे पर जिला शिक्षा विभाग ने गेंद प्राइवेट स्कूलों के पाले में डाल दी है। जिला शिक्षा विभाग की ओर से स्कूलों को जानकारी देने के लिए अपनी समझ और विवेक के आधार पर निर्णय लेने की बात कही। विभाग ने स्कूलों को केंद्रीय कानून का पालन करने की बात भी कही।
जिला शिक्षा विभाग के अनुसार मान्यता प्राप्त प्राइवेट स्कूलों को सूचना तो देनी ही होगी इसलिए बेहतर है कि जल्द सूचना देने का काम पूरा कर केंद्रीय कानून को लागू करने में अपनी भागीदारी निभाएं। आरटीई के मुद्दे पर प्राइवेट स्कूलों के प्रिंसिपल्स तथा प्रतिनिधियों के साथ हुई बैठक में जिला शिक्षा अधिकारी सुदेश मदान ने कहा कि विभाग को सूचना देना स्कूलों के हित में है तथा जितनी जल्दी प्राइवेट स्कूल सूचना देंगे, उसके आधार पर विभाग को नेबरहुड स्कूलों को चिन्हित करने में मदद मिलेगी।
दूसरी ओर प्राइवेट स्कूल भुगतान की राशि के माध्यम स्पष्ट किए जाने की मांग कर रहे हैं। डीईओ के अनुसार विभाग की ओर से यह जानकारी स्क्रीनिंग मात्र है। वर्तमान में जिले में मान्यता प्राप्त २क्६ प्राइवेट प्राइमरी, मिडिल, हाई व सीनियर सेकेंडरी स्कूल हैं।