अम्बाला. कैंट के बाजारों में अतिक्रमण मामले में एडवोकेट एसकेएस बेदी की याचिका पर हाईकोर्ट में बुधवार को बहस हुई। दोनों पक्षों की बहस के बाद इस मामले में हाईकोर्ट ने निर्णय सुरक्षित रख लिया है। अब आगामी दिनों में कोर्ट द्वारा जनहित याचिका पर फैसला सुनाया जाएगा। इससे पहले बुधवार बहस के दौरान अदालत ने प्रशासन को तह बाजारी के मामलों में कार्रवाई करने को भी कहा। फैसला सुरक्षित रखने से अब आगामी दिनों में जल्द अदालत द्वारा फैसला सुनाया जाएगा। यदि फैसला दुकानदारों के खिलाफ जाता है तो प्रशासन को फिर से अतिक्रमण विरोधी कार्रवाई को अंजाम देना होगा।
बता दें कि बीते वर्ष एडवोकेट एसकेएस बेदी ने हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर की थी। जनहित याचिका में कैंट के सदर बाजार, रेलवे रोड, रामबाग, सुगनचंद अहाता व अन्य स्थानों पर 354 अवैध निर्माण चिन्हित किए गए थे। याचिका में एडवोकेट बेदी ने कहा था कि अतिक्रमण होने से बाजारों का स्वरूप बिगड़ रहा है और साथ ही बाजार से चलना मुश्किल हो रहा है।
अदालत ने इस मामले में सुनवाई करते हुए प्रशासन को अतिक्रमण विरोधी अभियान चलाने को कहा था और याचिका में दर्शाए गए निर्माणों को हटाने को कहा था। जुलाई महीने तक प्रशासन ने रेलवे रोड, लालकुर्ती और कबाड़ी बाजार में लगभग 94 अवैध निर्माणों को हटाया था। इसके बाद प्रशासन ने अदालत से कार्रवाई के लिए समय की मांग की थी। अक्टूबर तक प्रशासन को समय दिया गया था और इससे पहले प्रशासन ने शुगनचंद का अहाता से सेवा समिति रोड तक ही अतिक्रमण हटाया था। इसके अलावा कहीं पर भी अतिक्रमण को हटाया नहीं गया था।
मगर इस दौरान एडवोकेट बेदी ने हाईकोर्ट में सुनवाई के दौरान यह आरोप लगाए थे कि प्रशासन उन स्थानों पर अतिक्रमण विरोधी कार्रवाई नहीं कर रहा है जहां पर ज्यादा अतिक्रमण है। कई स्थानों पर लोगों द्वारा अवैध निर्माण गिराने के बाद फिर से अतिक्रमण किए गए हैं।