विज्ञापन
 
 
 
 

ये क्या कह गए फारुख अब्दुल्ला, मेरे मंत्रालय का लोग उड़ाते थे मजाक

 
Source: भास्कर न्यूज   |   Last Updated 02:11(05/02/12)
 
 
 
 
अम्बाला. मुलाना . केंद्रीय नव एवं नवीनीकरण ऊर्जा मंत्री डा. फारुख अब्दुल्ला ने कहा कि यदि हम अपने ऊर्जा के प्राकृतिक स्रोतों का सही प्रकार से दोहन करें तो देश को न केवल ऊर्जा की समस्या से निजात मिलेगी, बल्कि ऊर्जा पैदा करने वाले तेल, गैस, कोयला, पदार्थो को विदेशों से आयात भी नहीं करना पड़ेगा। डा. अब्दुल्ला शनिवार को एमएम यूनिवर्सिटी मुलाना में शुरू हुई दो दिवसीय अंतर्राष्ट्रीय मेडिकल कांफ्रेंस में बतौर मुख्यातिथि बोल रहे थे।

डा. अब्दुल्ला ने कहा कि जब उन्हें इस मंत्रालय का कार्यभार सौंपा गया तो कुछ लोग इसे कम उपयोगी बताकर उनका उपहास उड़ाते थे लेकिन उनकी नजर में यह इतना महत्वपूर्ण विभाग है जिससे महंगाई पर काबू पाने के साथ-साथ देश का कायाकल्प किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि हमें ऊर्जा पैदा करने के लिए विदेशों से तेल, गैस व कोयला आयात करने में प्रति वर्ष अरबों रुपए की राशि खर्च करनी पड़ती है।

इसके बावजूद ऊर्जा की कमी के कारण विकास कार्य पूरी गति से संपन्न नहीं हो पाते। हमारे देश में सौर ऊर्जा व हाइडल पावर की अपार संभावना है और उनके विभाग की यह कोशिश है कि देश में इस ऊर्जा का प्रयोग करके किफायती ढंग से ऊर्जा की जरूरतों को पूरा किया जा सकता है तथा ऐसा होने से प्रदूषण की समस्या पर भी काफी हद तक अंकुश लगेगा।


उन्होंने कहा कि हमारे देश में बॉयो गैस के उत्पादन एवं प्रयोग की अपार संभावना है तथा लोगों को इसके लिए प्रेरित करने के साथ-साथ सरकार की और से कई तरह से अनुदान व प्रोत्साहन दिए जा रहे हैं। इसी प्रकार सौर ऊर्जा के प्रयोग को बढ़ावा देने के लिए सरकार की ओर से वित्तीय मदद के साथ-साथ अन्य प्रकार से सहायता उपलब्ध करवाई जा रही है। उन्होंने माउंटआबू स्थित ब्रह्कुमारी आश्रम व अन्य कई बड़े संस्थानों में किए जा रहे सौर ऊर्जा के प्रयोग की सराहना करते हुए लोगों से इसे अपनाने का अनुरोध किया।


इस कांफ्रेंस की सराहना करते हुए कहा कि इससे डाक्टरों को एंटीबायोटिक दवाओं का उचित प्रयोग करने में मदद मिलेगी। केंद्रीय स्वास्थ्य अनुसंधान विभाग के सचिव एवं महानिदेशक इंडियन काउंसिल आफ मेडिकल रिसर्च के डा. वीएल कटोच इस कांफ्रेंस में विशिष्ट अतिथि थे, जबकि समारोह की अध्यक्षता एमएम यूनिवर्सिटी के चांसलर तरसेम गर्ग ने की।

इस अवसर पर विश्वविद्यालय के वाइस चांसलर डा. एसजी दामले, मेडिकल कालेज के प्रिसिंपल डा. एसबी सिवाच, वाइस प्रिसिंपल डा. वीवी गोपीचंद पटनायक, माइको बायोलॉजी विभाग की डा. वर्षा ने भी इस कांफ्रेंस के विषय बारे अपने विचार रखे। इस अवसर पर डा. अब्दुल्ला द्वारा एक पुस्तक का भी विमोचन किया गया। समारोह में विश्वविद्यालय के महासचिव संजीव गर्ग, कोषाध्यक्ष विशाल गर्ग, पुलिस उपायुक्त ग्रामीण पीके मेहता मौजूद थे।


किसी देश की नहीं हमारे जैसी संस्कृति


डा. अब्दुल्ला ने भारत की संस्कृति की जमकर सराहना की। उन्होंने कहा कि पूरे विश्व में हमारे देश की यह विशेषता है कि यहां विभिन्न भाषाओं, पहनावे, संस्कृतियों के बावजूद अनेकता में एकता है। हमारा देश सुपर पावर बन सकता है, यदि हम अपने धार्मिक एवं सांप्रदायिक तनाव को भूलकर एकजुट होकर देश के नवनिर्माण के लिए कार्य करें। उन्होंने कहा कि ईश्वर एक है और उसकी इबादत के तरीके अलग-अलग हैं। डा. अब्दुल्ला ने सूफियाना अंदाज में ‘मेरे राम मेरे राम, किस गली में गयो मेरे राम, मेरा आंगन सूना सूना, किस गली में गयो मेरे राम..’ गुनगुनाया।
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
आपके विचार

 
 
कोड :
1 + 10

 
 
विज्ञापन
 

बड़ी खबरें

 
 
 
 
 
 
 
 
 

रोचक खबरें

 
 
 
 
 
 
 
 
 

बॉलीवुड

 
 
 
 
 
 
 
 
 

जीवन मंत्र

 
 
 
 
 
 
 
 
 

क्रिकेट

 
 
 
 
 
 
 
 
 

बिज़नेस

 
 
 
 
 
 
 
 
 

जोक्स

 
 
 
 
 
 
 
 
 

पसंदीदा खबरें

 
 
 
 
 
 
 
 
 

फोटोगैलरी

Most Viewed

Victoria’s Secret picks sexiest women
Who looks hotter in red bikini?
Just Added

Premiere of 'Madhubala - Ek Ishq Ek Junoon'
Bold BEBO
 
 
 
विज्ञापन
 
 
| Email  Print Comment
| Email  Print Comment