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दूध नहीं, पानी पी रहे हैं अम्बाला के लोग
Bhaskar News
| Aug 04, 2012, 06:12AM IST

अपने दूध की हकीकत जानने के लिए लोग बेताब थे। अब तक वे अंगुली डुबोकर ही यह पता लगाते थे कि दूध में कितना पानी मिला हुआ है। उनके पास कोई पैमाना नहीं था। दूधिए को कहें तो वह अपना तर्क देकर ग्राहक को चुप करा देता था। बेचारे लोग न चाहते हुए भी दूधिए की बात मान लेते और दूध लेते रहे। इधर लोगों को पता चला कि शुक्रवार को एक शिविर लगने वाला है जिसमें दूध की जांच चल रही है।
लिहाजा 48 जागरूक लोग जांच के लिए सौ-सौ ग्राम दूध लेकर शिविर में पहुंच गए। सभी के मन में जिज्ञासा थी कि उनके दूध की रिपोर्ट क्या आएगी। जब जांच करने वालों ने रिपोर्ट देना शुरू की तो कैंट की स्थिति साफ हो गई। कुछ लोग इस मुगालते में थे कि वे शुद्ध दूध पी रहे हैं। कुछ ने तो यहां तक दावा कर दिया कि सेंपल के लिए वे लोग जो दूध लाए हैं उसी से घी भी निकलता है। रिपोर्ट ने इन सभी लोगों के मुगालते दूर कर दिए। जांच अधिकारी ने बता दिया कि आपके दूध में पानी मिला हुआ है। 48 में से 40 सेंपल फेल हुए। गनीमत यह रही कोई भी दूध सिंथेटिक या यूरिया वाला नहीं निकला।
जागरूक करने का प्रयास
शिविर के प्रोजेक्ट डायरेक्टर मंजीव अग्रवाल ने कहा कि शहर के लोगों को हेल्थ के प्रति जागरूक करने के मकसद से यह शिविर लगाया गया है। अध्यक्ष केके जैन ने कहा कि भविष्य में भी ऐसे कैंप लगाने का कार्य क्लब करता रहेगा।
गनीमत रही यूरिया व केमिकल नहीं
राहत की बात है कि अम्बाला में सप्लाई होने वाले दूध में कोई घातक केमिकल नहीं है। शिविर में केमिकल टेस्टिंग भी हुई है, लेकिन दूध में केवल पानी ही मिला है। दूध में यूरिया, सिंथेटिक या कोई अन्य केमिकल नहीं पाया गया है। शुद्ध दूध लेना है तो लोगों को खुद जागरूक होना होगा।
जसपाल सिंह, सीईओ, वीटा मिल्क प्लांट, अम्बाला।






