पहले बना बेटे का दोस्त फिर खिलाया नशीला प्रसाद लेकिन...
Source: bhaskar news | Last Updated 04:30(09/02/12)
अम्बाला. वृद्ध रिटायर्ड टीचर की मुस्तैदी से बुधवार सुबह कैंट की पाश शास्त्री कालोनी में लूट का प्रयास असफल हो गया। हुआ यूं कि बेटे का दोस्त बताकर घर में घुसे बदमाश ने वृद्ध दंपती को अपनी नौकरी लगने की खुशी में प्रसाद में बेहोशी की दवा खिला दी, लेकिन दंपती को असलियत पता चल गया और उन्होंने बदमाश को धक्का मारकर बाहर करने के बाद घर का दरवाजा बंद कर लिया। दोपहर साढ़े ग्यारह बजे घर में काम करने वाली महिला ने दरवाजा खटखटाया तो उसे कोई जवाब नहीं मिलने पर उसने पड़ोसियों को मामले की जानकारी दी। बाद में पुलिस की मौजूदगी में दरवाजा तोड़ा गया तो वृद्ध दंपती बेहोश मिले जिन्हें सिविल अस्पताल पहुंचाया गया जहां से पीजीआई चंडीगढ़ रेफर कर दिया गया। पड़ाव पुलिस मामले में छानबीन कर रही है।
कैंट की पाश मानी जाने वाली शास्त्री कालोनी के मकान नंबर 83-बी में रहने वाले रिटायर्ड टीचर जगदीश धवन ने सिविल अस्पताल में अर्धबेहोशी की हालत में बताया भास्कर को बताया कि सुबह लगभग साढ़े आठ बजे उनके घर में एक युवक दाखिल हुआ जो खुद को चंडीगढ़ में जॉब करने वाले उनके बेटे विकास का दोस्त बता रहा था। युवक ने जगदीश से कहा कि उसकी भी जॉब लग गई है और वह उन्हें प्रसाद खिलाने के लिए आया है। जगदीश ने युवक को अंदर ड्राइंग रूम में बिठाया और इस दौरान उनकी पत्नी ऊषा धवन चाय बनाकर लाई। युवक ने चाय पीते ही कहा कि इसमें थोड़ा मीठा कम है। चीनी लेने के लिए उनकी पत्नी रसोई में गई और वह कुछ क्षण के लिए दूसरे कमरे में गए। उन्होंने कहा कि जब वह वापस ड्राइंग रूम में लौटे तो युवक ने उन्हें व उनकी पत्नी को प्रसाद दिया और उसे खाकर चाय पी। जगदीश ने बताया कि इस दौरान उन्होंने अपने बेटे विकास से मोबाइल पर बात कर उसके दोस्त के बारे में जानकारी दी। मगर उनके बेटे ने बताया कि वह ऐसे किसी युवक को नहीं जानता। इसी क्षण जगदीश पर बेहोशी छाने लगी जिसके बाद उन्हें कुछ गड़बड़ लगी। उन्होंने तुरंत युवक को घर से बाहर कर घर का दरवाजा बंद कर लिया। जगदीश धवन ने बताया कि इसके बाद उन्हें कोई होश नहीं रहा कि क्या हुआ।
कागज पर अपना नाम लिखा था ‘प्रीतम’
घर में दाखिल हुए शातिर युवक ने अपना नाम जगदीश धवन को रेलवे कालोनी निवासी प्रीतम बताया था। जगदीश ने युवक से पूछा था कि वह उसके बेटे विकास को कैसे जानता है तो वह साफ जवाब नहीं दे सका था। इसके बाद उन्होंने लेटर पैड व पैन युवक को देकर नाम-पता लिखने को कहा था। पैड पर युवक ने अपना नाम प्रीतम लिखा था। पुलिस ने घर में जांच की तो ड्राइंग रूम में टेबल पर वह पैड मिला जिस पर युवक का नाम प्रीतम लिखा हुआ था। अनुमान है कि यह नाम व पता फर्जी है। उधर जगदीश धवन के भाई एसआर धवन ने बताया कि यही युवक एक-दो दिन पहले भी घर आया था मगर तब भी युवक को बाहर से ही भगा दिया गया था।
होश में आने पर ही लेंगे बयान
दंपती घटना के बाद बेहोशी की हालत में है और उन्हें पूरी तरह होश नहीं आया है। होश आने पर ही पुलिस उनसे बयान लेगी जिसके बाद छानबीन की जाएगी। जांच के दौरान घर में सामान की लूटपाट नहीं पाई गई। उनके बेटों को घटना की जानकारी दी गई है।
अजैब सिंह, एसएचओ, पड़ाव थाना।
१ शास्त्री कालोनी के मकान नंबर 83-बी में रहने वाले जगदीश धवन के घर एक युवक आया जिसने खुद को उनके बेटे का दोस्त बताते हुए कहा-मेरी नौकरी लगी है इसलिए प्रसाद खिलाने आया हूं।
२ जगदीश ने युवक को ड्राइंग रूम में बिठाया। उनकी पत्नी ऊषा चाय बनाकर लाई तो युवक ने कहा- चाय में मीठा कम है। ऊषा किचन से चीनी लेकर आईं। दोनों को युवक ने प्रसाद दिया जिसे उन्होंने खा लिया।
३ चाय पीकर जगदीश ने अपने बेटे को फोन कर कहा कि उसका दोस्त आया है तो बेटे ने कहा कि उसका कोई दोस्त नहीं है। इसी बीच हल्की बेहोशी छाने पर जगदीश को शक हुआ और उन्होंने बदमाश को निकाल दिया।