सांसे रोक देने वाले दहशत से भरे वो सात घंटे..
Source: dainik bhaskar news | Last Updated 05:21(31/01/12)
हिसार. गनीमत रही। टैंकर में आग नहीं लगी, वरना धान्सू रोड के पूरे इलाके में तबाही मच जाती। 17 टन एलपीजी से लदे इस एक टैंकर में आग का मतलब होता- एक साथ 1200 गैस सिलेंडरों में आग। वो भी एक भयानक विस्फोट के साथ। इसके बाद शुरू होता एक चेन रिएक्शन।
इसकी वजह बनते हादसे के शिकार टैंकर के आगे पीछे खड़े ऐसे ही 20 और टैंकर। यानी एक साथ 24 हजार गैस सिलेंडरों की आग और तबाही। विशेषज्ञ तो दूर एक आम आदमी भी इसका अंदाज लगा सकता है। टैंकरों के साथ इस तबाही का सबसे पहला शिकार होता खुद यह बॉटलिंग प्लांट और उसके कर्मचारी। इस मंजर के साथ इलाके में रहने वालों ने रविवार की रात गुजारी।
रविवार शाम 7.30 बजे पलटा गैस का टैकर रात भर सीधा नहीं किया जा सका। सोमवार 11 बजे टैंकर को सीधा करने की कवायद शुरू हुई और शाम छह बजे इसमें सफलता मिली। टैंकर चालक कृष्ण ने बताया कि जब हादसा हुआ वह कैबिन में अंदर था।
मैं डर गया था कि अगर गैस रिसाव हो गया तो क्या होगा? ऐसे में वहां पर खड़े दूसरे चालकों ने अगला शीशा तोड़ा और मुझे बाहर निकाला और अस्पताल लेकर आए। उपचार के बाद मैं फिर घटना स्थल पर आया। डर लग रहा था कि कोई हादसा न हो जाए। जैसे तैसे रात गुजारी।
एक अन्य चालक रमेश का कहना था कि जैसे ही टैंकर पलटा मैंने सोचा अब तो भगवान ही बचाए। डरते डरते उसके पास गए और कृष्ण को बाहर निकाला। रात के अंधेरे में बैटरी से टैंकर को चैक किया। कहीं से कोई रिसाव नहीं हो रहा था।
तब जान में जान आई। रमेश ने बताया कि शुक्र है, आग नहीं लगी। इससे एक किलोमीटर पहले शहर की तरफ पुलिस कर्मियों के क्वार्टर हैं। तृतीय वाहिनी का ऑफिस, सीआईए थाना और सदर थाना भी है। पुलिस लाइन में करीब 700 मकान हैं। अगर कुछ अनहोनी होती तो आग यहां तक भी फैल सकती थी।
न पुलिस पहुंची और न ही फायर ब्रिगेड
धान्सू रोड पर एलपीजी गैस का टैंकर पलटने की घटना के बाद पुलिस मौके पर नहीं पहुंची। पुलिस प्रशासन और जिला प्रशासन की मुस्तैदी तो देखिए कि ऐहतियात के तौर पर वहां एक भी दमकल विभाग की गाड़ी को नहीं भेजा गया।
पार्किग की व्यवस्था नहीं
हादसे का शिकार हुए चालक कृष्ण का कहना है कि हादसे का मुख्य कारण पार्किग की व्यवस्था न होना है। पार्किग न होने के कारण टैंकर सड़क किनारे खड़े रहते हैं। शाम को जब मैं टैंकर लेकर बॉटलिंग प्लांट में आया तो सड़क किनारे कई टैंकर खड़े थे। ऐसे में टैंकर को लेकर मेन गेट की तरफ जा रहा था तो अचानक सामने से एक कार आ गई। उसे बचाने के चक्कर में टैंकर पलट गया।